डिजिटल डेस्क- कर्नाटक के विजयपुरा जिले में रविवार दोपहर एक बड़ा विमान हादसा हो गया। रेड बर्ड एविएशन का एक प्राइवेट जेट विमान बालेश्वर तालुका के मैंगलोर गांव के पास खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार पायलट और ट्रेनी पायलट गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत नाजुक बताई जा रही है। स्थानीय पुलिस के अनुसार, यह हादसा रविवार दोपहर के समय हुआ, जब जेट विमान नियमित फ्लाइट ट्रेनिंग मिशन पर था। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि विमान कालबुर्गी के पास हवा में डगमगाने लगा था। पायलट ने काफी देर तक विमान को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन आखिरकार मैंगलोर गांव के पास एक खेत में विमान क्रैश हो गया।
हवा में लड़खड़ाया विमान, खेत में हुई इमरजेंसी लैंडिंग की कोशिश
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान काफी नीचे उड़ता हुआ नजर आया और अचानक तेज आवाज के साथ खेत में गिर गया। टक्कर के बाद विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के तुरंत बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल दुर्घटनास्थल को घेरकर रखा गया है और विमान के मलबे की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी तकनीकी पहलुओं की गहन जांच के बाद ही हादसे के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।
ईंधन की कमी से हादसे की आशंका
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि ईंधन की कमी के कारण विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हालांकि, अभी तक इस संबंध में किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी या रेड बर्ड एविएशन की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। स्थानीय पुलिस ने साफ किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के कारणों पर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
ट्रेनिंग फ्लाइट में इस्तेमाल होता है विमान
बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान रेड बर्ड एविएशन का है, जो भारत की प्रमुख फ्लाइट ट्रेनिंग अकादमियों में से एक है। यह अकादमी पायलट प्रशिक्षण के लिए सेसना 172 टैंगो चार्ली जैसे विश्व स्तरीय ट्रेनिंग विमानों का इस्तेमाल करती है। रेड बर्ड एविएशन के ट्रेनिंग बेस बारामती, बेलगावी और सियोनी में स्थित हैं, जहां से पायलटों को व्यावसायिक और निजी उड़ानों का प्रशिक्षण दिया जाता है। सेसना 172 एसपी जैसे विमानों में बेसिक ऑटोपायलट सिस्टम होता है, जो दिशा बनाए रखने, ऊंचाई को नियंत्रित करने और नेविगेशन में मदद करता है।
जांच के आदेश, DGCA भी ले सकता है संज्ञान
इस हादसे के बाद एविएशन सेफ्टी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। माना जा रहा है कि DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) भी इस मामले का संज्ञान ले सकता है। जांच में यह देखा जाएगा कि उड़ान से पहले सभी सुरक्षा जांच पूरी की गई थीं या नहीं और क्या ईंधन प्रबंधन में कोई चूक हुई।