जम्मू के सांबा में ड्रोन की संदिग्ध उड़ान से हड़कंप, रातों-रात चला बड़ा सर्च ऑपरेशन, हथियारों की बड़ी बरामदगी

डिजिटल डेस्क- जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती सांबा जिले में बीती रात संदिग्ध ड्रोन मूवमेंट ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी। स्थानीय लोगों ने देर रात गांव पलूरा (Paloora) के ऊपर एक ड्रोन को उड़ते हुए देखा, जो करीब दो मिनट तक आसमान में सक्रिय रहा। ड्रोन के अचानक गायब होते ही ग्रामीणों ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और सुरक्षाबलों को दी। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं। देर रात ही पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई और बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षाबलों की संयुक्त टीमों ने खेतों, खुले इलाकों और संदिग्ध स्थानों की बारीकी से तलाशी ली। अधिकारियों के मुताबिक, ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियार या संदिग्ध सामग्री गिराए जाने की आशंका को देखते हुए अभियान पूरी सतर्कता के साथ चलाया गया।

भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद

स्थानीय निवासियों का कहना है कि ड्रोन की आवाज सुनते ही इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। सीमावर्ती क्षेत्रों में पहले भी ड्रोन गतिविधियों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, ऐसे में इस घटना ने लोगों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। तलाशी अभियान में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। बरामद सामग्री में दो पिस्टल, एक हैंड ग्रेनेड, तीन मैगजीन और करीब 16 पिस्टल राउंड शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन हथियारों को ड्रोन के जरिए सीमा पार से गिराया गया हो सकता है।

ड्रोन के विषय में जानकारी जुटाने में जुटी सुरक्षा एजेंसियां

इस बरामदगी ने एक बार फिर ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी की साजिश की ओर इशारा किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह सामग्री किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से भेजी गई हो सकती थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई होने से संभावित खतरे को टाल दिया गया। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रोन कहां से आया और इसके पीछे कौन से तत्व सक्रिय हैं। घटना के बाद सांबा जिले के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त बढ़ा दी गई है। ड्रोन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तकनीकी निगरानी भी तेज कर दी गई है।

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