डिजिटल डेस्क- जम्मू-कश्मीर में एक स्थानीय क्रिकेट मैच के दौरान खिलाड़ी के हेलमेट पर फिलिस्तीन का झंडा लगाए जाने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में पुलिस ने संबंधित क्रिकेटर को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद सियासी हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने उमर अब्दुल्ला सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया है। इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में बोलने की आजादी पूरी तरह खत्म हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां हर छोटी-छोटी बात पर लोगों को समन भेजे जा रहे हैं। अगर कोई फिलिस्तीन के समर्थन में बोलता है तो उसे अपराध की तरह देखा जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पूरी दुनिया में लोग फिलिस्तीन के मुद्दे पर विरोध और समर्थन जता रहे हैं, तो जम्मू-कश्मीर में ऐसा करने पर कार्रवाई क्यों की जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यहां VPN तक बैन किए जा रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है।
बीजेपी पर साधा निशाना
क्रिकेटर के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि एक खिलाड़ी ने अपने हेलमेट पर फिलिस्तीन का झंडा लगाया, तो इसमें कानून-व्यवस्था का कौन सा खतरा पैदा हो गया। उन्होंने कहा कि यहां हर किसी को हर बात पर समन मिल रहा है और कानून का राज नाम मात्र का रह गया है। उन्होंने बीजेपी और उसके सहयोगियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वही लोग मुसलमानों से हिजाब छीनने की कोशिश कर रहे हैं और जम्मू-कश्मीर में अपना हिंदुत्व थोपना चाहते हैं, जिसे यहां की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। इल्तिजा मुफ्ती ने उमर अब्दुल्ला सरकार की नीतियों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार बिजली के टैरिफ बढ़ा रही है और आम जनता पर बोझ डाल रही है, जबकि फायदे सिर्फ चहेते लोगों को दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने ही वादों से मुकर रही है और आम लोगों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रही।
नीतीश के बुर्का हटाने वाली घटना का किया जिक्र
उन्होंने यह भी कहा कि IPL में बांग्लादेशी क्रिकेटरों को बैन करने जैसे मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय स्थानीय और जमीनी समस्याओं पर फोकस होना चाहिए। इल्तिजा मुफ्ती ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री से जुड़ी एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक मुस्लिम लड़की का बुर्का हटवाने का मामला सामने आया था, जिसके खिलाफ केवल पीडीपी ने शिकायत दर्ज कराई थी। अपने हाउस अरेस्ट को लेकर भी इल्तिजा मुफ्ती ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आर्टिकल 370 हटने के बाद पिछले छह वर्षों में जम्मू-कश्मीर के लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा है। जब उन्होंने आरक्षण नीति को रैशनलाइज करने का विरोध किया, तो उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला एलजी का नहीं, बल्कि उमर अब्दुल्ला सरकार का था।