सिडनी में कोहराम के वो 6 मिनट… ताबड़तोड़ गोलियों से दहला बॉन्डी बीच, आखिर कैसे थमा आतंक?

KNEWS DESK- ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में बॉन्डी बीच पर हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को दहला दिया है। यह हमला उस वक्त हुआ, जब सैकड़ों की संख्या में यहूदी समुदाय के लोग अपने धार्मिक त्योहार हनुक्का का आयोजन कर रहे थे। अचानक हुई अंधाधुंध फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

इस मास शूटिंग में 15 आम नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक हमलावर भी मारा गया है। इसके अलावा 40 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। चश्मदीदों के मुताबिक, महज 6 मिनट के भीतर बॉन्डी बीच पर कोहराम मच गया और 100 से अधिक गोलियां चलाई गईं।

जांच एजेंसियों ने बॉन्डी बीच आतंकी हमले के आखिरी 6 मिनट के कई वीडियो वेरिफाई किए हैं। इन वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे शूटर्स ने सुनियोजित तरीके से तबाही मचाई और अंधाधुंध फायरिंग की। बताया जा रहा है कि छह मिनट से भी कम समय में पूरे इलाके में 100 से ज्यादा राउंड फायर किए गए।

करीब 11 मिनट का एक और वीडियो भी सामने आया है, जिसने जांच को नया मोड़ दे दिया है। इस हमले के पीछे एक बाप-बेटे का नाम सामने आया है, जिनका कनेक्शन पाकिस्तान से बताया जा रहा है। पिता की पहचान साजिद (या सादिक) अकरम के रूप में हुई है, जिनके बारे में दावा किया जा रहा है कि वह पाकिस्तानी सेना के रिटायर्ड जनरल थे। वहीं, बेटे की पहचान 24 वर्षीय नावीद अकरम के रूप में हुई है। पुलिस मुठभेड़ में साजिद अकरम मारा गया, जबकि नावीद अकरम गंभीर रूप से घायल है और पुलिस निगरानी में है।

हमले से जुड़े वीडियो बेहद भयावह हैं। बताया गया है कि इन फुटेज को उस पुल से करीब 50 मीटर की दूरी से फिल्माया गया था, जहां आतंकवादी हमले के अधिकांश समय तक तैनात थे। वीडियो में 5 मिनट 52 सेकंड तक की लगातार गोलीबारी दिखाई देती है। इस दौरान ऑडियो में कुल 103 गोलियों की आवाज सुनी जा सकती है, जिनमें कथित तौर पर दोनों हमलावरों और पुलिस की ओर से चलाई गई गोलियां शामिल हैं।

वीडियो की शुरुआत में साजिद अकरम को एक लंबे बैरल वाले हथियार से उन लोगों पर गोली चलाते हुए देखा जा सकता है, जो जान बचाकर भागने की कोशिश कर रहे थे। करीब 35 सेकंड बाद वह पुल पर अपनी फायरिंग पोजिशन छोड़ देता है।

इसके बाद वीडियो में यह भी नजर आता है कि नावीद अकरम कुछ लोगों को इशारों में वहां से हटने को कहता हुआ दिखाई देता है, बिना उन पर गोली चलाए। इससे जांच एजेंसियों को यह संकेत मिला है कि हमलावरों का मुख्य निशाना यहूदी समुदाय का हनुक्का आयोजन था।