KNEWS DESK – मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अब कूटनीतिक हल तलाशने की कोशिशें तेज हो गई हैं। United States और Iran के बीच जारी टकराव को शांत कराने की कोशिशों में अब Russia की एंट्री हो गई है, जबकि Pakistan की भूमिका कमजोर पड़ती नजर आ रही है।
रूस ने संभाली पहल
रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने खुद शांति पहल की कमान संभाल ली है। उनके प्रवक्ता Dmitry Peskov ने साफ कहा है कि मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने के लिए रूस हर संभव प्रयास करेगा। बताया जा रहा है कि पुतिन ने संभावित समझौते का एक खाका भी तैयार कर लिया है और उसे लागू करने के लिए सक्रिय कूटनीतिक संपर्क शुरू कर दिए हैं।
युद्ध की आशंका के बीच बढ़ी हलचल
इस बीच Donald Trump ने हाल ही में बयान दिया कि संघर्ष 2-3 हफ्तों तक खिंच सकता है। दूसरी ओर ईरान ने भी फिलहाल किसी समझौते से इनकार कर दिया है और अपने रुख पर कायम है।
पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल
अब तक अमेरिका और ईरान के बीच संदेशवाहक की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान को कोई ठोस सफलता नहीं मिली है।
- एक हफ्ते से अधिक समय बीतने के बावजूद कोई सीधी वार्ता नहीं हो पाई
- कूटनीतिक स्तर पर स्पष्ट प्रगति नहीं दिखी
- ईरान को अमेरिका की नीयत पर भरोसा दिलाने में भी पाकिस्तान नाकाम रहा
इन कारणों से उसकी मध्यस्थता पर सवाल उठने लगे हैं।
कूटनीतिक मोर्चे पर रूस की सक्रियता
रूस अब तेजी से अलग-अलग देशों के साथ संपर्क साध रहा है। पुतिन ने हाल ही में मध्य पूर्व के प्रमुख नेताओं से बातचीत की है, जिसमें Mohammed bin Salman भी शामिल हैं। इसके अलावा मिस्र के विदेश मंत्री के साथ बैठक कर क्षेत्रीय संतुलन पर चर्चा की गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस की खुफिया एजेंसी के प्रमुख Sergey Naryshkin ने दावा किया है कि उनकी टीम ईरान से जुड़े हालात को लेकर अमेरिकी एजेंसियों के संपर्क में है। इससे संकेत मिलता है कि पर्दे के पीछे भी बातचीत जारी है।