एक बार फिर सामने आया पाकिस्तान का दोहरा चेहरा,IMF बेलआउट पैकेज के लिए अमेरिका से की ऐसी डील बौखला जायेगा रूस

KNEWS NEWS… यूक्रेन युद्ध के शुरूआत में पाकिस्तान बिल्कुल तटस्थ था ।जब युद्ध शुरू हुआ था तब पाक पीएम इमरान खान रुसी दौरे पर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक कर रहे थे।इस बात से अमेरिका नाराज था । दरअसल अब पाकिस्तान का दोहरा चेहरा एक बार फिर सामने आया है।आर्थिक संकट से फंसे पाकिस्तान ने इससे बाहर निकलने के लिए जो किया इससे रूस की बौखलाहट बढ़ सकती है । बता दें किअंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से बेलआउट पैकेज लेने के लिए पाकिस्तान ने पिछले दिनों हथियारों की एक बड़ी डील की है।यह डील यूक्रेनी सेना को मदद पहुंचाने के लिए चोरी छिपे की गई। इसका खुलासा पाकिस्तान और अमेरिका के गोपनीय दस्तावेजों से हुई है। इस खुलासे के बाद पाकिस्तान में हलचल मच गई है।

ऐसे हुआ डील का खुलासा

हथियारों के लेन-देन का विवरण देने वाले रिकॉर्ड इस साल की शुरुआत में पाकिस्तानी सेना के एक सूत्र की ओर से द इंटरसेप्ट में लीक किए गए थे। इस डॉक्युमेंट में स्पष्ट होता है कि यह डील मार्च 2022 से अप्रैल 2023 के बीच में अमेरिका और पाकिस्तान की आपसी सहमति से हुई। दस्तावेज़ों के अनुसार, हथियारों के सौदों में ग्लोबल ऑर्डनेंस की सहायक कंपनी ग्लोबल मिलिट्री प्रोडक्ट्स की ओर से बीच की भूमिका निभाई गई थी।

अमेरिका और पाक ने नहीं की है पुष्टि

पाकिस्तान को युद्ध के लिए आवश्यक बुनियादी हथियारों के उत्पादन केंद्र के रूप में जाना जाता है। जैसा कि यूक्रेन युद्ध सामग्री और हार्डवेयर की पुरानी कमी से जूझ रहा है, यूक्रेनी सेना की ओर से पाकिस्तानी निर्मित गोले और अन्य अध्यादेशों की उपस्थिति संघर्ष के बारे में ओपन-सोर्स समाचार रिपोर्टों में सामने आई है, हालांकि न तो अमेरिका और न ही पाकिस्तानियों ने इस डील को स्वीकार किया है।

बढ़ सकती है रूस का नाराजगी

यूक्रेन युद्ध की शुरुआत में पाकिस्तान बिल्कुल तटस्थ था। जब संघर्ष शुरू हुआ तब पाक के पीएम इमरान खान रूसी दौरे पर थे। वहां उन्होंने पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी।इस बात से अमेरिका नाराज हो गया था।इसके बाद अमेरिका के जरिये पाक ने उल्टा यूक्रेन को मदद पहुंचाई। हालांकि इस मदद का फायदा पाक को आईएमएफ के बेलआउट पैकेज के रूप में मिला। वहीं रूस पाक के इस कदम से नाराज होगा। दरअसल, पाक समय समय पर रूस से खास दोस्ती की बात करता है और उससे मदद भी मांगता है, लेकिन इस तरह चोरी-छिपे यूक्रेन की मदद करने से रूस भी नाराज हो जाएगा।

 

About Post Author