KNEWS DESK- अमेरिका ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर हमला करके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया है। अमेरिकी डेल्टा फोर्स कमांडो द्वारा मादुरो को वेनेजुएला से लेकर न्यूयॉर्क पहुंचाया गया है, जहां उन्हें नारको-टेररिज्म और हथियारों से जुड़े आरोपों में संघीय अदालत में पेश किया जाएगा।
शनिवार दोपहर को मादुरो के विमान के न्यूयॉर्क में उतरते ही एफबीआई एजेंटों ने विमान को घेर लिया और मादुरो और उनकी पत्नी को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। वे पहले ब्रुकलिन की मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल सेंटर में रखे जाएंगे, जहां से सोमवार को प्रारंभिक सुनवाई की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार, अगले हफ्ते मादुरो को मैनहैटन की संघीय अदालत में ड्रग्स और हथियारों से जुड़े मामलों का सामना करना पड़ेगा। जेल के बाहर भारी भीड़ देखने को मिली, जिसमें कई लोग चीयर कर रहे थे और वेनेजुएला के झंडे लहरा रहे थे।
अमेरिका द्वारा चलाया गया यह ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व था। अमेरिकी जनरल डैन केन के मुताबिक, इस मिशन का मुख्य उद्देश्य सिर्फ मादुरो को पकड़ना था। हेलिकॉप्टरों के लिए रास्ता बनाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वायु हमलों का इस्तेमाल किया गया। ऑपरेशन में 150 से अधिक विमान शामिल थे और इसकी तैयारी महीनों तक की गई थी।
वेनेजुएला में इस ऑपरेशन के दौरान काराकास में कम से कम 7 विस्फोट हुए। मादुरो को पकड़ने के लिए अमेरिकी सेना ने रणनीतिक ढंग से सैन्य ठिकानों और वायु रक्षा प्रणाली को निशाना बनाया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका तब तक वेनेजुएला का संचालन करेगा, जब तक वहां सुरक्षित और सही तरीके से सत्ता हस्तांतरण सुनिश्चित नहीं हो जाता।
अटॉर्नी जनरल पैम बॉंडी ने बताया कि मादुरो और उनकी पत्नी पर ड्रग्स और हथियारों से जुड़े आरोप हैं और वे जल्द ही अमेरिकी न्यायपालिका की पूरी शक्ति का सामना करेंगे। मादुरो की गिरफ्तारी और न्यूयॉर्क में मुकदमे की प्रक्रिया से दुनिया भर की नजरें अब अमेरिका और वेनेजुएला पर टिकी हुई हैं। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों में नया मोड़ ला दिया है, और अब सवाल उठ रहा है कि मादुरो की गिरफ्तारी का भविष्य में देश और क्षेत्र पर क्या असर होगा।