KNEWS DESK- मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। इजराइल और अमेरिका द्वारा कथित तौर पर शुरू किए गए एक बड़े संयुक्त सैन्य अभियान के बाद तेहरान समेत कई इलाकों में जोरदार धमाकों की खबर है। इजरायली सैन्य सूत्रों और एक क्षेत्रीय स्रोत के हवाले से अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी Reuters ने बताया कि हमलों में ईरान के रक्षा मंत्री आमिर नसीरजादेह और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर मोहम्मद पाकपुर के मारे जाने की सूचना है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि ईरान की ओर से अभी तक नहीं की गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आमिर नसीरजादेह ने रक्षा मंत्री बनने से पहले ईरानी सेना में डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में सेवा दी थी। उनका सैन्य करियर एक फाइटर पायलट के रूप में शुरू हुआ था। वहीं, मोहम्मद पाकपुर ने 2025 में IRGC की कमान संभाली थी। उन्होंने यह जिम्मेदारी तब संभाली थी जब उनके पूर्ववर्ती हुसैन सलामी की इजराइली हमले में मौत की खबर सामने आई थी।
अगर इन वरिष्ठ अधिकारियों के मारे जाने की पुष्टि होती है, तो यह तेहरान के लिए एक बड़ा रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक झटका माना जाएगा।
इससे पहले Israel Defense Forces (IDF) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी कर कहा कि “ऑपरेशन रोरिंग लायन” के तहत IDF और अमेरिकी सशस्त्र बलों ने एक संयुक्त अभियान शुरू किया है। बयान में कहा गया कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य “ईरानी शासन से उत्पन्न खतरों को समाप्त करना और इजराइल के अस्तित्व पर मंडरा रहे जोखिमों को खत्म करना” है।
IDF ने आरोप लगाया कि ईरानी नेतृत्व इजराइल को खत्म करने की अपनी नीति से पीछे नहीं हटा है और वह सीमा क्षेत्रों में अपने प्रॉक्सी समूहों को वित्तीय, सैन्य और तकनीकी सहायता देता रहा है। बयान के मुताबिक, यह गतिविधियां न केवल इजराइल बल्कि पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक स्थिरता के लिए खतरा हैं।
हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी क्षेत्र में मौजूद इजरायली और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। तेहरान समेत देश के कई हिस्सों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं।
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने आरोप लगाया कि दक्षिणी ईरान में लड़कियों के एक प्राथमिक विद्यालय पर इजराइली हमले में दर्जनों लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि यह हमला दिनदहाड़े किया गया, जब स्कूल बच्चों से भरा हुआ था। अराघची ने इसे “निर्दोष नागरिकों के खिलाफ अपराध” करार देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है।
क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष को देखते हुए कई देशों ने संयम बरतने और तत्काल युद्धविराम की अपील की है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर हालात काबू में नहीं आए, तो यह टकराव एक व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है, जिससे ऊर्जा बाजार, वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से आक्रामक बयानबाजी जारी है और हालात तेजी से बदल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीतिक प्रयास इस संकट को और गहराने से रोक पाएंगे या नहीं।