ईरान के हमलों में अमेरिका को भारी नुकसान? IRGC का दावा, 500 से अधिक सैनिक हताहत

KNEWS DESK- मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर है, जहां ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच सैन्य टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हाल ही में बड़ा दावा किया है कि अमेरिकी और इज़रायली हमलों में अब तक 560 अमेरिकी सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं। इसके अलावा, ईरान ने अमेरिका के विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया, जिससे अमेरिकी पक्ष को गंभीर नुकसान पहुंचा।

हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। अमेरिकी प्रशासन ने अब तक केवल तीन सैनिकों की मौत की पुष्टि की है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि ईरान पर जवाबी हमले जारी रहेंगे और अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लिया जाएगा।

ईरान के समर्थन में Hezbollah ने भी इजरायल के खिलाफ हमले तेज कर दिए हैं। IRGC का दावा है कि उसने फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी और ब्रिटिश तेल टैंकरों को मिसाइलों से निशाना बनाया है, जिससे टैंकर जल गए। इसके अलावा, कुवैत में अमेरिकी नौसेनिक एयरबेस पर भी मिसाइलों से हमला किया गया, जिसे अमेरिकी पक्ष ने बंद कर दिया है। IRGC का कहना है कि बेस पूरी तरह तबाह हो चुका है और अब इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसी तरह, बहरीन में अमेरिकी एयरबेस पर भी लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की स्थापना 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद की गई थी। इसका उद्देश्य सिर्फ ईरान की सीमाओं की सुरक्षा नहीं बल्कि क्रांतिकारी शासन की रक्षा करना भी है। IRGC रेगुलर मिलिट्री से अलग है और सीधे ईरान के सुप्रीम लीडर को रिपोर्ट करता है। इसका अपना कमांड स्ट्रक्चर है और ग्राउंड, नेवल और एयर ब्रांच के साथ अन्य विशेष यूनिट्स भी इसमें शामिल हैं।

हालिया घटनाओं के बाद, क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ गई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस गंभीर स्थिति पर नज़र बनाए हुए है। युद्धविराम या किसी समझौते की फिलहाल कोई संभावना नहीं दिखाई दे रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *