नोएडा के सेक्टर-62 स्थित भारतीय पाक कला संस्थान के हॉस्टल मेस में भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्रों ने गंभीर शिकायतें की हैं. छात्रों का आरोप है कि खाने में कीड़े और दूषित सामग्री मिल रही है. मामले की जांच के लिए फूड कमेटी गठित की गई है.
Knews Desk- नोएडा के सेक्टर-62 में स्थित भारतीय पाक कला संस्थान इन दिनों अपने हॉस्टल मेस में परोसे जा रहे भोजन को लेकर चर्चा में है. जिस संस्थान में छात्रों को स्वादिष्ट और गुणवत्तापूर्ण खाना बनाने की ट्रेनिंग दी जाती है, वहीं के मेस में खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं. छात्रों ने चावल में कीड़े, दाल में मटन के टुकड़े और सब्जी में संदिग्ध सामग्री मिलने की शिकायत की है.
छात्रों के मुताबिक, मेस में भोजन को लेकर पिछले कुछ समय से शिकायतें सामने आ रही थीं. आरोप है कि 2 सितंबर को दाल में मटन के टुकड़े मिले. इससे पहले चावल में काला कीड़ा और सब्जी में रेंगती हुई झिल्ली मिलने की बात भी सामने आई थी.
शाकाहारी भोजन में मांसाहारी सामग्री मिलने की शिकायत से छात्रों में नाराजगी है. उनका कहना है कि खाना बनाने और परोसने के दौरान साफ-सफाई और गुणवत्ता की पर्याप्त निगरानी नहीं की जा रही है.
इस हॉस्टल मेस में भारतीय पाक कला संस्थान के अलावा भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान और नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी के छात्र भी खाना खाते हैं. बताया गया है कि मेस में करीब 211 छात्र भोजन करते हैं.
छात्रों ने मेस के कैटरिंग इंचार्ज को लिखित शिकायत देकर भोजन की गुणवत्ता में सुधार की मांग की है. वहीं, मामले की जानकारी मिलने के बाद अभिभावकों ने भी चिंता जताई है.
पर्यटन मंत्रालय तक पहुंचा मामला
छात्रों की शिकायत के बाद मामला पर्यटन मंत्रालय तक पहुंच गया है. अभिभावक प्रमोद मेहता ने ईमेल के जरिए पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश्वर कुमार और एनसीएचएमसीटी के सीईओ ज्ञान भूषण को शिकायत भेजी है.
छात्रों का दावा है कि मेस में बनी पाइपलाइन के आसपास कीड़े दिखाई देते हैं. उन्हें आशंका है कि पाइपलाइन के जरिए ही कीड़े खाने में गिर रहे हैं. हालांकि, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
जांच के लिए बनाई गई फूड कमेटी
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संस्थान ने मामले की जांच के लिए फूड कमेटी का गठन किया है. कमेटी अपनी जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट काउंसिल को सौंपेगी.
भारतीय पाक कला संस्थान के एकेडमिक इंचार्ज डॉ. सत्यवीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही खाने में कीड़े, मटन के टुकड़े और अन्य दूषित सामग्री मिलने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी. संस्थान की ओर से छात्रों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने की बात कही गई है.