छात्र लगा रहे हैं डीवी स्किप की मार्मिक गुहार, जानिए क्या है पूरा मामला…

SHIV SHANKAR SAVITA- सोशल मीडिया प्लेटफार्म में इन दिनों छात्रों ने अभिलेख संवीक्षा (DV) स्किप की मुहिम छेड़ रखी है। छात्रों ने टेलीग्राम, व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म में मार्मिक पोस्ट करके अन्य छात्रों से डीवी स्किप की गुहार लगा रहे है। दरअसल मामला अधीनस्थ सेवा चयन (UPSSSC) से जुड़ा हुआ है। अधीनस्थ सेवा चयन (UPSSSC) अपने स्तर से प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन करवाता है और विज्ञापित पदों के सापेक्ष कई गुना अभ्यर्थियों को डीवी परीक्षण के लिए बुलाता है और चयन सिर्फ विज्ञापित पदों की संख्या के अनुरूप करता है। अधीनस्थ सेवा चयन (UPSSSC) डीवी परीक्षण और अंतिम चयन के बाद प्रतीक्षा सूची नहीं जारी करता है इसलिए पहले से किसी और विभागों में चयनित अभ्यर्थी अंतिम चयन के बाद भी विज्ञापित पदों पर ज्वाइन नहीं करते है जिससे काफी पद खाली रह जाते है और कम अंकों से अंतिम चयन सूची से बाहर छात्र पूरी भर्ती प्रक्रिया से ही बाहर हो जाते है।

वर्ष 2022 की प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा (PET-2022) से आई स्वास्थ्य विभाग और उद्यम विभाग के 1262 पदों पर भर्ती आई थी, जिसकी लिखित परीक्षा और टंकण परीक्षा (TYPING TEST) विगत माह पूरा हो चुका है और आगामी 3 अप्रैल से 7 मई 2025 तक कुल 4613 अभ्यर्थियों को डीवी परीक्षण के लिए बुलाया गया है। ऐसे में कुल पद 1262 है और डीवी परीक्षण के लिए 4613 अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। ऐसे में छात्रों को डर सता रहा है कि अगर पहले से ही कहीं अन्य जगह चयनित अभ्यर्थी भी डीवी कराते हैं और ज्वाइन नहीं करते है तो पद खाली रह जाएंगे।

इसी डर से अभ्यर्थी सोशल मीडिया साइट्स में चयनित अभ्यर्थियों से मार्मिक गुहार लगा रहे हैं कि अगर वे पहले से कहीं अन्य जगह चयनित हैं तो वो डीवी कराने न आए जिससे सीटें खाली न जाए और नौकरी के लिए जरूरतमंद अभ्यर्थियों का चयन हो सके।

छात्रों द्वारा की गई मार्मिक अपील

डीवी स्किप का अभियान इससे पूर्व भी चला चुके हैं छात्र

वर्ष 2021 की प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा (PET-2022) से आई लेखपाल भर्ती के करीब 8085 पद विज्ञापित हुए थे। इसमें भी आयोग ने विज्ञापित पदों के सापेक्ष तीन गुना अभ्यर्थियों को डीवी परीक्षण के लिए बुलाया था। इस भर्ती में भी छात्रों ने कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी आदि जगह जाकर छात्रों से गुहार लगाई थी और डीवी स्किप के पोस्टर लगाकर पहले से चयनित छात्रों से डीवी स्किप करने का आग्रह किया था। इसके बावजूद भी अंतिम चयन में शामिल करीब 1900 अभ्यर्थियों ने लेखपाल पद ज्वाइन नहीं किया था, जिससे लेखपाल के करीब 1900 पद खाली चले गए थे।

 

छात्रों ने बताया कि प्रतिक्षा सूची के लिए कई बार छात्रों ने आंदोलन भी किया और ट्वविटर के माध्यम से अपनी बात आयोग और सरकार तक पहुंचाई पर छात्रों की बात की सुध न तो सरकार ने ली और न ही आयोग ने ली। अगर सरकार और आयोग हमारी बात मानकर प्रतिक्षा सूची लगाने लगे तो एक भी पद खाली नहीं जाएंगे और जरूरतमंद अभ्यर्थियों को अगली भर्ती की राह नहीं देखनी पड़ेगी।

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