KNEWS DESK – थलापति विजय की अपकमिंग फिल्म ‘जना नायगन’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से अभी तक सर्टिफिकेट नहीं मिला है, जिससे इसकी रिलीज डेट पोस्टपोन हो गई है। वहीं मद्रास हाईकोर्ट ने भी फिल्म की रिलीज पर 21 जनवरी तक रोक लगा दी है। इसी बीच बॉलीवुड और टॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर रामगोपाल वर्मा ने सेंसर बोर्ड की खुलकर आलोचना की है।
रामगोपाल वर्मा ने जताई नाराजगी
रामगोपाल वर्मा अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने इस बार भी बिना हिचकिचाहट सेंसर बोर्ड पर तीखा हमला बोला। अपने एक्स सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए वर्मा ने सेंसर बोर्ड को पुराने जमाने का संस्थान बता दिया और कहा कि आज के डिजिटल युग में इसकी जरूरत पूरी तरह खत्म हो चुकी है।
सेंसर बोर्ड को दी फटकार
वर्मा ने कहा, “आज भी सेंसर बोर्ड को जरूरी मानना बेवकूफी है। इसका मकसद पहले ही खत्म हो चुका है, लेकिन सही बहस न होने के कारण इसे अब भी बनाए रखा गया है। असल में सोचना कि किसी फिल्म में शब्द हटाने, सीन छोटा करने या सिगरेट धुंधला करने से समाज सुरक्षित रहेगा, यह मजाक जैसा है। सेंसर बोर्ड उस दौर में बना था जब फिल्मों की संख्या कम थी और मीडिया पर सरकार का पूरा नियंत्रण था। आज यह दर्शकों को सच्चाई देखने से रोकता है। ये अब सुरक्षा नहीं, बल्कि दिखावा कर रहा है।”
क्या है विवाद का कारण?
‘जना नायगन’ 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी, लेकिन CBFC ने इसे सर्टिफिकेट देने से इंकार कर दिया। इसके बाद मेकर्स ने मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया। शुरुआती सुनवाई में कोर्ट ने मेकर्स के पक्ष में फैसला दिया था, लेकिन हालिया सुनवाई में हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर 21 जनवरी तक रोक लगा दी है।
इस फैसले के बाद फिल्म के मेकर्स और फैंस दोनों ही परेशान हैं। फिल्म की रिलीज पर लगी रोक और सेंसर बोर्ड की कार्रवाई ने विवाद को और हवा दे दी है। वहीं रामगोपाल वर्मा की तीखी टिप्पणी ने सेंसर बोर्ड के कामकाज पर बहस को फिर से जोर दे दिया है।