KNEWS DESK – बॉलीवुड की मशहूर कोरियोग्राफर और फिल्ममेकर फराह खान पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का अहम हिस्सा रही हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 1992 में रिलीज हुई जो जीता वही सिकंदर से बतौर कोरियोग्राफर की थी। इस फिल्म में आमिर खान लीड रोल में थे। इसके बाद फराह खान ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना ली।
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान फराह खान ने उस दौर को याद किया, जब फिल्म इंडस्ट्री अंडरवर्ल्ड के बढ़ते प्रभाव से जूझ रही थी। उन्होंने बताया कि उस समय फिल्ममेकर्स और कलाकारों को कई बार धमकियों का सामना भी करना पड़ता था।
अंडरवर्ल्ड के खौफ का दौर
यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया के साथ बातचीत में फराह खान ने कहा कि जब उन्होंने इंडस्ट्री में कदम रखा, उस समय हालात काफी डरावने थे। उन्होंने बताया कि 1993-94 के आसपास का समय था, जब फिल्म प्रोड्यूसर मुकेश दुग्गल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरी इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया था।
फराह ने आगे बताया कि उस समय फिल्मों के प्रीमियर तक पर खतरे के बादल मंडराते थे। उन्होंने खुलासा किया कि करण जौहर को उनकी फिल्मों के प्रीमियर के दौरान अंडरवर्ल्ड से धमकियां मिली थीं।
‘कुछ कुछ होता है’ के प्रीमियर पर बढ़ाई गई थी सुरक्षा
फराह खान ने बताया कि डुप्लीकेट और कुछ कुछ होता है के प्रीमियर के समय करण जौहर को धमकी मिली थी। इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई थी कि फिल्म का प्रीमियर रद्द कर दिया जाए या नहीं।
हालांकि बाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और प्रीमियर आयोजित किया गया। फराह ने कहा कि उस समय करण जौहर काफी तनाव में थे, क्योंकि अपनी फिल्म के जश्न की जगह उन्हें सुरक्षा और धमकियों की चिंता करनी पड़ रही थी।
‘कुछ कुछ होता है’ से किया था डायरेक्शन डेब्यू
कुछ कुछ होता है साल 1998 में रिलीज हुई थी और यही करण जौहर की बतौर निर्देशक पहली फिल्म थी। इस फिल्म में शाहरुख खान, काजोल, रानी मुखर्जी और सलमान खान जैसे बड़े सितारे नजर आए थे। फिल्म को दर्शकों ने खूब पसंद किया और यह बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई।
करण जौहर की तारीफ में कही ये बात
इंटरव्यू के दौरान फराह खान ने करण जौहर की जमकर तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी सफलता मिलने के बावजूद करण ने उसे कभी सिर पर नहीं चढ़ने दिया। फराह के मुताबिक, करण जौहर हमेशा अपने दोस्तों और इंडस्ट्री के लोगों की मदद के लिए सिर्फ एक फोन कॉल की दूरी पर रहते हैं।