KNEWS DESK- हरारे में भारतीय अंडर-19 टीम ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसे क्रिकेट इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा। अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 100 रनों से करारी शिकस्त देकर छठी बार खिताब अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत के केंद्र में रहे महज़ 14 साल के वैभव सूर्यवंशी, जिनकी विस्फोटक पारी ने फाइनल को एकतरफा बना दिया।
टॉस जीतकर कप्तान आयुष म्हात्रे ने पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया। शुरुआत भारत के लिए कुछ खास नहीं रही और पहला विकेट जल्दी गिर गया, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने हरारे के मैदान पर मौजूद दर्शकों को रोमांच से भर दिया। आयुष म्हात्रे और वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के गेंदबाज़ों पर जमकर हमला बोला और रन गति को आसमान पर पहुंचा दिया।
वैभव सूर्यवंशी ने बेहद आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करते हुए सिर्फ 32 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद उन्होंने कप्तान म्हात्रे के साथ मिलकर महज़ 63 गेंदों में शतकीय साझेदारी निभाई। आयुष म्हात्रे ने भी संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 50 गेंदों में अर्धशतक जड़ा।
सूर्यवंशी यहीं नहीं रुके। उन्होंने 55 गेंदों में शतक पूरा कर इतिहास रच दिया और फिर 71 गेंदों में 150 रन तक पहुंच गए। ऐसा लगने लगा था कि दोहरा शतक भी संभव है, लेकिन 26वें ओवर में 175 रन के निजी स्कोर पर उनकी विस्फोटक पारी का अंत हुआ। इस पारी में उन्होंने 15 छक्के और 15 चौके जड़कर इंग्लैंड की गेंदबाज़ी की कमर तोड़ दी।
सूर्यवंशी के आउट होने के बाद भी भारतीय बल्लेबाज़ों ने रन गति बनाए रखी। विहान मल्होत्रा, अभिज्ञान कुंडू और कनिष्क चौहान ने उपयोगी पारियां खेलीं, जिसकी बदौलत भारत ने 50 ओवर में 9 विकेट पर विशाल 411 रन का स्कोर खड़ा किया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम पर शुरुआत से ही दबाव साफ दिखा। बेन डॉकिंस (66) और बेन मायस (45) ने तेज़ शुरुआत दिलाने की कोशिश की, जबकि कप्तान थॉमस रियू ने 31 रन जोड़े। हालांकि तेजी से रन बनाने के प्रयास में इंग्लैंड ने लगातार विकेट गंवाए और महज़ 8 गेंदों के भीतर 4 विकेट गिर गए।