KNEWS DESK- टी20 विश्व कप 2026 से जुड़े बहिष्कार विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन की टिप्पणी के बाद भारतीय क्रिकेट के पूर्व सलामी बल्लेबाज क्रिस श्रीकांत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। श्रीकांत ने नासिर को 2003 विश्व कप की याद दिलाते हुए कहा कि जब इंग्लैंड को फायदा मिला था, तब उन्हें समानता या भेदभाव की बात क्यों याद नहीं आई।
नासिर हुसैन ने एक पॉडकास्ट में पाकिस्तान और बांग्लादेश के रुख का समर्थन करते हुए कहा था कि आईसीसी को सभी टीमों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भारत किसी टूर्नामेंट से ठीक पहले खेलने से इनकार करता, तो क्या आईसीसी उतना ही सख्त रुख अपनाता?
हुसैन ने कहा, “हर कोई समानता चाहता है। भारत के पास पैसा और ताकत है, लेकिन ताकत के साथ जिम्मेदारी भी आती है।”
क्रिस श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर जवाब देते हुए कहा, “2003 विश्व कप के दौरान नासिर हुसैन इंग्लैंड के कप्तान थे। उस समय इंग्लैंड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए जिम्बाब्वे और केन्या जाने से इनकार कर दिया था। उस फैसले के कारण इंग्लैंड टूर्नामेंट से बाहर हो गया और केन्या क्वार्टर फाइनल में पहुंच गया। तब उन्होंने अपने फैसले लिए थे, अब सवाल क्यों?”
उन्होंने आगे कहा, “आपका एक नियम और हमारा एक नियम—ऐसा नहीं चल सकता।” श्रीकांत ने यह भी कहा कि आईसीसी की कमाई का बड़ा हिस्सा भारतीय दर्शकों से आता है, इसलिए भारत का प्रभाव स्वाभाविक है। “हर दौर में किसी न किसी देश का दबदबा होता है। पहले इंग्लैंड का था, अब भारत का है,” उन्होंने कहा।
श्रीकांत ने पाकिस्तान के भारत के खिलाफ खेलने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “भारत-पाकिस्तान मुकाबला सिर्फ क्रिकेट नहीं, करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है। अगर पाकिस्तान नहीं खेलता तो सबसे ज्यादा नुकसान उसी को होता। खेल को राजनीति से ऊपर रखना जरूरी है।”
यह विवाद तब शुरू हुआ जब बांग्लादेश के टूर्नामेंट से हटने के बाद पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ ग्रुप स्टेज मैच का बहिष्कार करने की घोषणा की थी। हालांकि बाद में पाकिस्तान सरकार ने अपना फैसला बदलते हुए टीम को खेलने की अनुमति दे दी।
भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने बिना नाम लिए नासिर हुसैन पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि कुछ “पुरानी ताकतें” यह स्वीकार नहीं कर पा रही हैं कि अब विश्व क्रिकेट का पावर सेंटर भारत है।
गावस्कर ने यह भी याद दिलाया कि चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत ने पाकिस्तान जाने से पहले ही इनकार कर दिया था, जिसके बाद आईसीसी ने न्यूट्रल वेन्यू का विकल्प चुना था। उन्होंने स्पष्ट कहा, “दुनिया का हर समझदार व्यक्ति जानता है कि भारत की कोई भी सरकार अपने खिलाड़ियों को पाकिस्तान भेजने की अनुमति नहीं देगी।”