सुपर आठ में भारत की चुनौती, अभिषेक की फॉर्म और तिलक का धीमा स्ट्राइक रेट बढ़ा रहे हैं चिंता

KNEWS DESK- टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम ग्रुप चरण में सभी चार मैच जीतते हुए अंक तालिका में शीर्ष पर रही, लेकिन टीम का प्रदर्शन अभी तक संतोषजनक नहीं रहा। बल्लेबाजी और फील्डिंग दोनों ही मोर्चों पर टीम संघर्ष करती दिखी, जबकि गेंदबाजी ने अपेक्षाकृत संतोषजनक प्रदर्शन किया। अब सुपर आठ चरण की शुरुआत होने जा रही है और भारत का सामना रविवार को दक्षिण अफ्रीका से होगा, जहां असली परीक्षा शुरू होगी।

न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में संजू सैमसन के अनुपस्थित रहने पर टीम प्रबंधन ने उनकी जगह ईशान किशन को अभिषेक शर्मा के जोड़ीदार के रूप में शामिल किया। हालांकि धीमे विकेटों पर बाएं हाथ के बल्लेबाजों की जोड़ी स्पिनरों के खिलाफ कमजोर साबित हुई। भारत के शीर्ष क्रम को धीमी पिचों पर स्पिन के खिलाफ संघर्ष करना पड़ा। नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने आए तिलक वर्मा भी बाएं हाथ के हैं, और अब तक उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है।

अभिषेक शर्मा ने इस विश्व कप में अभी तक अपना खाता भी नहीं खोला है, जबकि तिलक वर्मा ने चार मैचों में 120.45 की स्ट्राइक रेट से 106 रन बनाए हैं, जो उनके करियर स्ट्राइक रेट 141.8 के मुकाबले कम है। सुपर आठ में दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे जैसी टीमों के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन के लिए दोनों खिलाड़ियों को बड़ी पारी खेलनी होगी।

भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में बड़े स्कोर बनाए, लेकिन विश्व कप के पहले मैच से ही सह-मेजबान भारत को धीमी पिचों का सामना करना पड़ा। ऐसी पिचों पर अभिषेक और तिलक वर्मा जैसे स्ट्रोक प्लेयरों को तालमेल बनाने में कठिनाई हुई। धीमी पिचों पर बल्लेबाजों को उसी तरह तालमेल बिठाना होगा जैसा ईशान किशन ने पाकिस्तान के खिलाफ 77 रन और सूर्यकुमार यादव ने अमेरिका के खिलाफ 84 रन बनाते हुए दिखाया।

शुक्रवार को अभ्यास के दौरान निगाहें अभिषेक शर्मा पर रहीं। उन्होंने कोच गौतम गंभीर से लंबी चर्चा की और कैच व स्पिन गेंदबाजी का अभ्यास किया। गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने कहा कि अभिषेक पर कोई विशेष चर्चा नहीं हुई, लेकिन उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिचें धीमी हैं, लेकिन क्यूरेटर सर्वश्रेष्ठ स्थिति देने की कोशिश कर रहे हैं।

ग्रुप दौर में भारतीय टीम की गेंदबाजी शानदार रही। अमेरिका के खिलाफ सूर्यकुमार यादव, नामीबिया के खिलाफ ईशान किशन और हार्दिक पांड्या, पाकिस्तान के खिलाफ ईशान और नीदरलैंड के खिलाफ शिवम दुबे ने जिम्मेदारी संभाली। टी20 प्रारूप में किसी एक खिलाड़ी के मोर्चा संभालने से भी काम बन जाता है, लेकिन सुपर आठ में टीम को सभी खिलाड़ियों के योगदान की जरूरत होगी।

सुपर आठ में भारत के लिए अब कोई जोखिम नहीं लिया जा सकता। सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम को खिताब बरकरार रखने के लिए ग्रुप चरण की गलतियों से सीख लेकर संतुलित प्रदर्शन करना होगा।

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