KNEWS DESK – 2007 में टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत से जो सिलसिला चला था, वो 2026 में भी नहीं टूटा। जब भी टी20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान आमने-सामने होते हैं, कहानी लगभग एक जैसी ही रहती है। इस बार भी कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में वही हुआ टीम इंडिया ने दमदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 61 रन से हरा दिया।
कोलंबो में फिर गरजा भारत
15 फरवरी को खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 175 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इस पारी के हीरो रहे Ishan Kishan, जिन्होंने सिर्फ 40 गेंदों में 77 रन ठोककर मैच का रुख तय कर दिया।
जवाब में पाकिस्तान की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 18 ओवर में 114 रन पर सिमट गई। इस जीत के साथ भारत ने लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए सुपर-8 में जगह पक्की कर ली।
“175 पर ही समझ गए थे…” – सूर्या
जीत के बाद कप्तान Suryakumar Yadav ने बताया कि उन्हें मैच के दौरान ही जीत का अहसास हो गया था। सूर्या ने कहा, “पहले बैटिंग करते हुए अंदाजा लगाना मुश्किल होता है, लेकिन जैसे ही हम 175 तक पहुंचे, हमें पता चल गया था कि हम 15-20 रन आगे हैं। यहां 155 पर मुकाबला काफी कड़ा हो सकता था।”
उन्होंने ईशान किशन की खास तौर पर तारीफ करते हुए कहा कि इस पिच पर उन्होंने अलग सोच के साथ बल्लेबाजी की, जो टीम के लिए निर्णायक साबित हुई।
गेंदबाजों ने किया काम तमाम
भारत की जीत सिर्फ बल्लेबाजी की बदौलत नहीं थी। गेंदबाजों ने भी शुरुआत से ही पाकिस्तान को दबाव में ला दिया। Hardik Pandya ने लगातार दूसरे मैच में पारी का पहला ओवर फेंकते हुए शुरुआती झटका दिया। इसके तुरंत बाद Jasprit Bumrah ने अगले ओवर में दो विकेट झटककर मैच लगभग भारत की झोली में डाल दिया।
सूर्यकुमार यादव ने बुमराह की तारीफ करते हुए कहा, “उन्होंने फिर दिखा दिया कि क्यों वो दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में गिने जाते हैं।” अक्षर पटेल समेत बाकी गेंदबाजों ने भी कसी हुई गेंदबाजी कर पाकिस्तान की पारी को कभी संभलने नहीं दिया।
मीरपुर, मेलबर्न, न्यूयॉर्क और अब कोलंबो टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाक मुकाबलों की कहानी बार-बार एक जैसी रही है। 2007 से चला आ रहा यह दबदबा 2026 में भी कायम है।