K News Desk top- नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की टेक यूनिट जियो प्लेटफॉर्म अपने बहुप्रतीक्षित (आई.पी.ओ.) को लेकर तैयारियों में जुट गई है। बाजार सूत्रों के मुताबिक, कंपनी अगले कुछ दिनों में सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल कर सकती है।
बताया जा रहा है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का (आई.पी.ओ.) भारत का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम हो सकता है। यह इश्यू ऑफर फॉर सेल के जरिए लाया जाएगा, जिसमें कई मौजूदा विदेशी निवेशक अपनी हिस्सेदारी घटा सकते हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर बाजार में लिस्टिंग 2026 की पहली छमाही में हो सकती है। कंपनी के वैल्यूएशन को लेकर भी बड़े अनुमान सामने आए हैं—जहां कुछ रिपोर्ट्स में इसका मूल्यांकन 180 अरब डॉलर तक बताया गया है, वहीं अन्य आकलन इसे 136 अरब डॉलर के आसपास रखते हैं।
जियो में निवेश करने वाले बड़े नामों में फेसबुक की करीब 10% हिस्सेदारी और गूगल की लगभग 7.7% हिस्सेदारी शामिल है। खबर है कि कुल 13 निवेशक अपने हिस्से का करीब 8% बेच सकते हैं, जो कुल हिस्सेदारी का लगभग 2.5% बनता है।
आई.पी.ओ. के जरिए कंपनी 2.5% से 3% तक हिस्सेदारी बेच सकती है। इस बीच, बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में मजबूती देखने को मिली है। मार्च में कंपनी के शेयर में करीब 1.31% की बढ़त दर्ज की गई, जबकि 4 मार्च के बाद से इसमें लगभग 5% की तेजी आई है।
25 मार्च को कंपनी का शेयर ( बीएसई ) पर 1,412.55 रुपये पर बंद हुआ, जबकि दिन के दौरान यह 1,430 रुपये तक पहुंचा था। वहीं, बाजार में भी तेजी देखने को मिली और सेंसेक्स में करीब 1200 अंकों की उछाल दर्ज की गई।
जियो का यह आई.पी.ओ. निवेशकों के लिए बड़ा मौका साबित हो सकता है, जिस पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।