डिजिटल डेस्क- बीता महीना हवाई यात्रियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार, उड़ानों का अचानक रद्द होना और अव्यवस्था ने यात्रियों को खासा परेशान किया। अब उसी अफरा-तफरी का असर देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की वित्तीय सेहत पर भी साफ नजर आ रहा है। इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने दिसंबर तिमाही (Q3) के नतीजे जारी किए हैं, जिनमें मुनाफे में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में इंटरग्लोब एविएशन का शुद्ध मुनाफा घटकर 550 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 2,449 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। यानी सालाना आधार पर मुनाफे में करीब 78 फीसदी की गिरावट आई है। यह गिरावट निवेशकों और एविएशन सेक्टर के लिए चौंकाने वाली मानी जा रही है।
तीन बड़े कारणों से बिगड़ा मुनाफे का खेल
कंपनी ने मुनाफे में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे तीन प्रमुख वजहें गिनाई हैं। पहला, नए लेबर लॉ (श्रम कानून) लागू होने से कंपनी पर लगभग 969 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा। दूसरा, दिसंबर की शुरुआत में सामने आए ऑपरेशनल संकट और फ्लाइट कैंसिलेशन ने इंडिगो को करीब 577 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। तीसरा, डॉलर के मुकाबले रुपये में उतार-चढ़ाव ने भी कंपनी की लागत बढ़ा दी, जिससे मुनाफे पर और दबाव बना। हालांकि राहत की बात यह रही कि मुनाफा घटने के बावजूद कंपनी की कुल आय (रेवेन्यू) में इजाफा हुआ है। दिसंबर तिमाही में इंडिगो का रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले करीब 6 फीसदी बढ़ा है। कंपनी का कहना है कि अगर लेबर लॉ और ऑपरेशनल दिक्कतों का अतिरिक्त बोझ न होता, तो तिमाही मुनाफा 3,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच सकता था।
शिकायतों के बावजूद बढ़े यात्री
दिलचस्प बात यह है कि तमाम शिकायतों, देरी और रद्दीकरण के बावजूद इंडिगो के यात्रियों की संख्या में गिरावट नहीं आई। इस तिमाही में करीब 3.19 करोड़ यात्रियों ने इंडिगो से सफर किया, जो सालाना आधार पर 2.8 फीसदी अधिक है। हालांकि, प्रति सीट होने वाली कमाई यानी यील्ड में मामूली गिरावट जरूर दर्ज की गई है। इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने दिसंबर की शुरुआत में हुए ऑपरेशनल कोहराम को स्वीकार करते हुए कहा कि उस दौरान कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे कंपनी को बड़ा झटका लगा। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने तिमाही में 245 अरब रुपये का रेवेन्यू हासिल किया है, जो इंडिगो की मजबूत बाजार स्थिति को दर्शाता है। एल्बर्स ने भरोसा जताया कि कंपनी अपने नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रही है और आने वाले समय में यात्रियों को बेहतर अनुभव और ज्यादा भरोसेमंद सेवाएं देने पर फोकस करेगी।