बजट 2026 में बड़ा ऐलान: हिमाचल-उत्तराखंड-जम्मू कश्मीर को मिलेगा टूरिज्म बूस्ट, किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर

KNEWS DESK – केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने साफ कर दिया है कि आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक रफ्तार का इंजन खेती और पर्यटन होंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में ऐसे कई अहम ऐलान किए हैं, जिनका सीधा फायदा किसानों, स्थानीय समुदायों और पर्यटन से जुड़े लोगों को मिलेगा। सरकार का जोर उन क्षेत्रों पर है, जहां रोजगार के अवसर तेजी से पैदा हों और लोगों की आय सीधे बढ़े।

पर्वतीय राज्यों को पर्यटन की बड़ी सौगात

पर्यावरण और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में टिकाऊ पर्वतीय ट्रेल्स विकसित करेगी। इन ट्रेल्स का मकसद प्राकृतिक सुंदरता को संरक्षित रखते हुए पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर अनुभव देना है। इसके साथ ही पूर्वी घाट की अराकू घाटी और पश्चिमी घाट के पुडिगई मलै क्षेत्र में भी ऐसे ट्रेल्स बनाए जाएंगे, जिससे इन क्षेत्रों में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।

बजट 2026 में पर्यटन से जुड़े लोगों के लिए एक खास पायलट प्रोजेक्ट का ऐलान किया गया है। देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 टूर गाइड्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह 12 हफ्तों का मानकीकृत कोर्स होगा, जिसे IIM के सहयोग से हाइब्रिड मोड में चलाया जाएगा। इससे विदेशी और घरेलू पर्यटकों को बेहतर गाइडेंस मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

शिक्षा और स्किल से जुड़ेगा पर्यटन सेक्टर

पर्यटन उद्योग को मजबूत करने के लिए सरकार ने नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी को अपग्रेड कर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी बनाने का फैसला किया है। यह संस्थान सरकार, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देगा, जिससे युवाओं को बेहतर रोजगार और उद्योग को कुशल मानव संसाधन मिलेगा।

वन्यजीव और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा

वन्यजीव और प्रकृति पर्यटन के विस्तार के लिए ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुआ नेस्टिंग साइट्स पर टर्टल ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे। वहीं, पुलिकट झील के आसपास बर्ड-वॉचिंग ट्रेल्स बनाए जाएंगे, जिससे ईको-टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों की आय भी बढ़ेगी।

बजट 2026 में किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने का रोडमैप पेश किया है। तटीय इलाकों में नारियल, काजू और कोको, जबकि पहाड़ी और अन्य क्षेत्रों में अखरोट और पाइन नट्स जैसी फसलों की खेती को प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार का मानना है कि ये फसलें कम जमीन में ज्यादा मुनाफा देती हैं, जिससे खेती को लाभकारी बनाया जा सकेगा।