पेट्रोल के बाद अब इंडस्ट्रियल डीजल के भी दाम तेज, कीमतों में 22 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी

KNEWS DESK- ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी तनाव अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। हालात ऐसे हैं कि इस संघर्ष के जल्द खत्म होने की संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही है। सोशल मीडिया पर सामने आ रही तस्वीरें युद्ध की भयावहता को दर्शा रही हैं।

मिडिल ईस्ट में ईंधन प्लांट्स पर हमलों के चलते वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट का खतरा बढ़ गया है, जिसका असर अब भारत में भी दिखने लगा है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल

एलपीजी संकट के बीच अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है। प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ना तय है।

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है। पहले कीमत: 87.67 रुपये प्रति लीटर, नई कीमत: 109.59 रुपये प्रति लीटर, कुल बढ़ोतरी: 22 रुपये प्रति लीटर इस बड़े उछाल ने मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को गहरा झटका दिया है, क्योंकि ये क्षेत्र डीजल पर काफी निर्भर हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में यह बढ़ोतरी जल्द ही रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ा सकती है। यदि यह अंतरराष्ट्रीय संकट लंबा खिंचता है, तो महंगाई और भी तेजी से बढ़ सकती है। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, क्योंकि कंपनियां बढ़ी हुई लागत को ग्राहकों पर डाल सकती हैं।

ग्लोबल क्रूड ऑयल कीमतों का दबाव

दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतें पहले से ही ऊंचाई पर हैं। ऐसे में बढ़ती ऊर्जा लागत कंपनियों के मुनाफे को प्रभावित कर रही है। कंपनियों के पास दो ही विकल्प बचते हैं: उत्पादों की कीमत बढ़ाना या लागत कम करने के उपाय करना दोनों ही स्थितियों में लंबी अवधि में महंगाई बढ़ने की संभावना बनी रहती है।

सरकार के इस कदम और वैश्विक हालात के बीच अब सभी की नजरें देश की अर्थव्यवस्था पर टिकी हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह संकट कितनी जल्दी थमता है और इसका आम लोगों की जिंदगी पर कितना गहरा असर पड़ता है।