KNEWS DESK – बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा हाल ही में प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले का हिस्सा बनीं। संगम में आस्था की डुबकी लगाने से लेकर मंदिरों के दर्शन तक, प्रीति ने अपनी इस आध्यात्मिक यात्रा को खास बताया। लेकिन उनके पोस्ट से यह भी झलक रहा है कि इस यात्रा ने उन्हें एक गहरी सोच में डाल दिया।
आध्यात्मिकता और भावनाओं का द्वंद्व
महाकुंभ से लौटने के बाद प्रीति जिंटा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा, कुंभ मेले में जाने का यह मेरा तीसरा अवसर था। यह जादुई, दिल छूने वाला और थोड़ा दुखद भी रहा| उन्होंने बताया कि यह अनुभव जादुई था क्योंकि इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है, और दिल छूने वाला इसलिए था क्योंकि वह अपनी मां के साथ वहां गई थीं। लेकिन दुखद इस मायने में था कि उन्होंने महसूस किया कि वह अभी भी मोह और आसक्ति से मुक्त नहीं हो सकीं।
आत्मज्ञान की तलाश
प्रीति ने आगे लिखा कि महाकुंभ में उन्होंने जीवन और मृत्यु के चक्र से मुक्त होने की चाह रखी थी, लेकिन वहां उन्हें अपने परिवार, बच्चों और प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी आसक्ति का एहसास हुआ। उन्होंने खुद से सवाल किया, क्या मैं अपने परिवार को छोड़ने के लिए तैयार हूं? नहीं! मैं तैयार नहीं हूं! उन्होंने इस यात्रा से लौटते समय एक गहरी सीख ली कि हम केवल आध्यात्मिक अनुभव करने वाले इंसान नहीं हैं, बल्कि हम आध्यात्मिक प्राणी हैं, जो मानवीय अनुभव कर रहे हैं।
प्रीति जिंटा ने अपनी इस पवित्र यात्रा से जुड़े कुछ तस्वीरें और वीडियो भी अपने फैंस के साथ साझा किए हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि वह संगम में स्नान कर रही हैं, शहर के प्राचीन मंदिरों में दर्शन कर रही हैं और पूरी श्रद्धा के साथ इस भव्य आयोजन का हिस्सा बन रही हैं।
फैंस ने जताई प्रतिक्रिया
प्रीति जिंटा की इस पोस्ट पर फैंस ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। कुछ ने उनकी आध्यात्मिक सोच की सराहना की, तो कुछ ने कहा कि यह अनुभव सिर्फ शारीरिक रूप से नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी गहरा होता है।