KNEWS DESK – अभिनेता राजपाल यादव को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। दिल्ली हाई कोर्ट में गुरुवार को उनकी अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, लेकिन अदालत ने मामले की सुनवाई 16 फरवरी तक के लिए टाल दी। इस दौरान कोर्ट ने शिकायतकर्ता से भी जवाब दाखिल करने को कहा है।
“वादा निभाने में असफल रहे” – कोर्ट
सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्णा कांत शर्मा की अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि राजपाल यादव जेल इसलिए नहीं गए क्योंकि अदालत ने आदेश दिया, बल्कि इसलिए क्योंकि उन्होंने खुद अदालत से किया गया वादा पूरा नहीं किया।
कोर्ट ने कहा, “आपने स्वयं कहा था कि आप सेटलमेंट करेंगे और भुगतान करेंगे। आपने कई बार अदालत को आश्वासन दिया, लेकिन उसे पूरा नहीं किया।” यह टिप्पणी तब आई जब अभिनेता के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल को कार्यवाही को लेकर गुमराह किया गया था।
“आपको गुमराह नहीं किया गया”
अदालत ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि राजपाल यादव कई बार व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए हैं। कोर्ट ने कहा कि वरिष्ठ वकील की मौजूदगी में दिए गए बयानों से पीछे नहीं हट सकते।
न्यायाधीश ने कहा कि यदि अभिनेता विदेश जाकर कमाई कर भुगतान करने का आश्वासन देते हैं, तो उसे निभाना भी उनकी जिम्मेदारी है।
वकील नहीं कर पाए संपर्क
गुरुवार को दोपहर बाद दोबारा सुनवाई हुई, लेकिन राजपाल यादव के वकील अदालत को यह बताने में असमर्थ रहे कि वे अपने मुवक्किल से स्पष्ट निर्देश ले पाए हैं या नहीं। वकील ने कहा कि वह अभिनेता से संपर्क नहीं कर सके। इसके बाद अदालत ने सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।
पहले ही कर चुके हैं सरेंडर
गौरतलब है कि चेक बाउंस मामले में 2 फरवरी 2026 को हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को दो दिन के भीतर जेल अधीक्षक के सामने आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था। समय बढ़ाने की उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। इसके बाद 5 फरवरी को उन्होंने सरेंडर कर दिया।
इस मामले में मई 2024 में एक सेशन कोर्ट ने राजपाल यादव को छह महीने की सजा सुनाई थी। बाद में उनके वकील ने अदालत को बताया था कि अभिनेता प्रोडक्शन हाउस के साथ समझौता करना चाहते हैं, लेकिन तय समय में सेटलमेंट नहीं हो सका।