KNEWS DESK – बॉलीवुड के दिग्गज और लीजेंडरी अभिनेता धर्मेंद्र का बीते साल 24 नवंबर को निधन हो गया था। भले ही वह आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन अपने अभिनय और सादगी भरे व्यक्तित्व के कारण वह आज भी करोड़ों दिलों में जिंदा हैं। धर्मेंद्र ने हिंदी सिनेमा को ऐसे यादगार किरदार दिए, जो समय के साथ और भी अमर होते चले गए। बेहद शांत और निजी तरीके से उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा, लेकिन उनके जाने का तरीका आज भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
धर्मेंद्र के निधन की खबर अचानक सामने आई थी। यह बात जरूर सबको मालूम थी कि उनकी तबीयत खराब चल रही थी और वह घर पर ही थे, लेकिन जिस पल उन्होंने आखिरी सांस ली, उस वक्त परिवार की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई। यही वजह रही कि उनके चाहने वाले उन्हें आखिरी बार देख भी नहीं पाए। इस बात को लेकर कई फैंस ने नाराजगी भी जताई। अब इस पूरे मामले पर मशहूर राइटर और कॉलमनिस्ट शोभा डे ने अपनी राय रखी है और इसे एक बड़ी चूक बताया है।
‘ये एक बड़ी चूक थी’
एक इंटरव्यू के दौरान शोभा डे से सवाल किया गया कि क्या धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाना चाहिए था। इस पर उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हां, बिल्कुल किया जाना चाहिए था। शोभा ने बताया कि उन्होंने इस विषय पर पहले भी लिखा था। उनका कहना था कि इससे पहले कई कलाकारों को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जा चुकी है, ऐसे में धर्मेंद्र जैसे महान अभिनेता को यह सम्मान न मिलना हैरान करने वाला है। शोभा के मुताबिक, यह या तो एक बड़ी चूक थी या फिर इसके पीछे कोई राजनीतिक वजह रही होगी।
‘हेमा मालिनी के एक फोन की देर थी’
शोभा डे ने दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उन्हें राजकीय सम्मान मिला, तो फिर धर्मेंद्र को क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र की हालत नाजुक थी, यह बात सभी जानते थे। अगर सब कुछ सही तरीके से प्लान किया जाता, तो अंतिम संस्कार को बेहतर ढंग से आयोजित किया जा सकता था। शोभा ने यह भी कहा कि हेमा मालिनी सांसद हैं, और अगर उन्होंने एक फोन कॉल कर दिया होता, तो सारी व्यवस्थाएं आसानी से हो सकती थीं। उन्होंने पूरे मामले को निराशाजनक और अजीब करार दिया।