‘धुरंधर-एनिमल’ जैसी उम्मीदें … ‘ओ रोमियो’ की कमाई पर शाहिद कपूर के को-स्टार का बड़ा बयान

KNEWS DESK – शाहिद कपूर की फिल्म ओ रोमियो अपनी कहानी और ट्रीटमेंट को लेकर चर्चा में है, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फिल्म उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रही। रिलीज के 12 दिन बाद फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर करीब 57.51 करोड़ रुपये की कमाई की है और अब भी 100 करोड़ के आंकड़े से काफी दूर है।

फिल्म को मिले-जुले रिव्यू मिले हैं, लेकिन इसकी कहानी और क्राफ्ट की तारीफ भी हो रही है। इसी बीच फिल्म में शाहिद के दोस्त का किरदार निभाने वाले हुसैन दलाल ने बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को लेकर बड़ा बयान दिया है।

“हर फिल्म की तुलना ब्लॉकबस्टर से करना गलत”

हाल ही में एक बातचीत में हुसैन दलाल ने कहा कि वे फिल्म के कलेक्शन से निराश नहीं हैं। उनका मानना है कि हर फिल्म को उसकी अपनी क्षमता और जॉनर के हिसाब से आंका जाना चाहिए, न कि हाल की बड़ी हिट फिल्मों से तुलना कर।

उन्होंने कहा, “हम हर नई फिल्म की तुलना पिछली ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर से करने लगते हैं, जो कि एक अजीब पैमाना है। फोकस फिल्म के क्राफ्ट और कहानी पर होना चाहिए।”

‘धुरंधर’, ‘एनिमल’ या ‘बॉर्डर 2’ जैसी उम्मीदें क्यों?

हुसैन दलाल ने साफ कहा कि यह उम्मीद करना गलत है कि ‘ओ रोमियो’ धुरंधर, एनिमल या बॉर्डर 2 जैसी फिल्मों के बराबर कलेक्शन करेगी। उनके मुताबिक, दर्शकों को हाल के “एंग्री” और बड़े पैमाने की फिल्मों के क्रेजी नंबरों की आदत हो गई है, इसलिए वे हर फिल्म से वैसी ही उम्मीद करने लगते हैं।

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उन्होंने कहा, “लोगों को लगा कि यह भी गुस्से वाली फिल्म होगी, लेकिन यह कहानी पर आधारित फिल्म है। इसमें बड़ा प्लॉट है, लेकिन यह सिर्फ एंग्री एक्शन फिल्म नहीं है।”

मजबूत स्टारकास्ट और साहित्यिक आधार

फिल्म में शाहिद कपूर के अलावा तृप्ति डिमरी, नाना पाटेकर, अविनाश तिवारी, तमन्ना भाटिया, दिशा पटानी, फरीदा जलाल और विक्रांत मैसी जैसे कलाकार नजर आए हैं।

बताया जा रहा है कि फिल्म मशहूर लेखक हुसैन जैदी की किताब ‘माफिया क्वींस ऑफ मुंबई’ से प्रेरित है, जो अंडरवर्ल्ड की पृष्ठभूमि पर आधारित है।

हुसैन दलाल ने आगे कहा कि इंडस्ट्री में हर तरह की फिल्मों के लिए जगह होनी चाहिए। उन्होंने विशाल भारद्वाज और संजय लीला भंसाली का उदाहरण देते हुए कहा कि पोएटिक ट्रेजेडी और भव्य सिनेमा का अपना अलग स्थान है। हर फिल्म का मकसद 1000 करोड़ कमाना नहीं होता, कुछ फिल्में अपनी कहानी और कला के लिए भी बनाई जाती हैं।

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