K News Desktop- उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया जारी है। इसी बीच शनिवार को भारत निर्वाचन आयोग ने बड़ा अपडेट जारी किया है। आयोग के अनुसार प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को प्रकाशित कर दी जाएगी।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। उससे पहले मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया चलाई जा रही है।
चुनाव आयोग के अनुसार अब तक प्रदेश में 86 लाख से अधिक लोगों ने मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 भरा है, जबकि 3 लाख से ज्यादा लोगों ने फॉर्म-7 के माध्यम से अपना नाम हटाने के लिए आवेदन किया है।
आयोग ने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस अवधि में 1.66 लाख लोगों ने फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का आवेदन किया, जबकि 7,329 लोगों ने फॉर्म-7 के जरिए अपना नाम हटाने की मांग की।
शुक्रवार को दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि समाप्त हो गई। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार 6 जनवरी को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद से 6 मार्च तक 70,69,810 लोगों ने फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया। वहीं 2,642 लोगों ने फॉर्म-6 (ए) भरा है। इसी अवधि में 2,68,682 लोगों ने फॉर्म-7 भरकर मतदाता सूची से अपना नाम हटाने का आवेदन किया।
चुनाव आयोग के मुताबिक ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने से पहले भी बड़ी संख्या में आवेदन मिले थे। उस दौरान 16,18,574 लोगों ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया, जबकि 49,399 लोगों ने अपना नाम हटाने के लिए आवेदन दिया था।
अब दावे और आपत्तियों की अवधि समाप्त होने के बाद अगला चरण सुनवाई का होगा। चुनाव आयोग की ओर से नोटिस पाने वाले करीब 3.26 करोड़ मतदाताओं की सुनवाई 27 मार्च तक की जाएगी। इसके बाद सभी मामलों का निस्तारण कर अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी, जिसे 10 अप्रैल को प्रकाशित किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार प्रदेश में करीब 1.04 करोड़ ऐसे मतदाता हैं जिनके नाम का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो पाया है। इसके अलावा लगभग 2.22 करोड़ मतदाताओं के नामों में तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
इस प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों की भूमिका भी सीमित रही है। आयोग के आंकड़ों के अनुसार अब तक 84 लाख से अधिक फॉर्म-6 भरे गए हैं, जिनमें से केवल 40,643 फॉर्म ही राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के माध्यम से भरवाए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 26,253 फॉर्म भाजपा के बीएलए द्वारा भरवाए गए हैं।
बता दें कि उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोग ने 6 जनवरी को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की थी। इस ड्राफ्ट में कुल 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। आयोग के अनुसार यह प्रक्रिया 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही है, जिसकी शुरुआत 27 अक्टूबर से की गई थी।