योगी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट पेश: 9.5 लाख करोड़ का संभावित आकार, प्रति व्यक्ति आय 1.20 लाख रुपये

डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट बुधवार को विधानसभा में पेश किया। बजट पेश करने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सुबह 9 बजे कैबिनेट की अहम बैठक हुई, जिसमें बजट प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सुबह 11 बजे सदन में बजट प्रस्तुत किया। 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से पहले यह सरकार का अंतिम पूर्ण बजट है, इसलिए इसे राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण के दौरान कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1 लाख 20 हजार रुपये तक पहुंच गई है, जो राज्य की आर्थिक प्रगति का संकेत है। सूत्रों के मुताबिक इस बार बजट का आकार करीब 9.5 लाख करोड़ रुपये तक हो सकता है, जो पिछले बजट की तुलना में काफी अधिक है। इसे राज्य को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है।

बजट से पहले की पूजा-अर्चना

बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री ने पूजा-अर्चना की और फिर विधानसभा पहुंचकर बजट दस्तावेज सदन के पटल पर रखे। सरकार का दावा है कि यह बजट विकास, सुशासन और जनकल्याण के संतुलन पर आधारित है। इस बजट में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही जा रही है। साथ ही औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के लिए नए अवसरों पर विशेष जोर रहेगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में निवेश का माहौल और मजबूत हो तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें।

पूर्वांचल, बुंदेलखंड और अन्य पिछड़े इलाकों का रखा गया विशेष ध्यान

क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्वांचल, बुंदेलखंड और अन्य पिछड़े इलाकों के लिए विशेष बजट प्रावधान किए जाने की संभावना है। सरकार इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, सिंचाई, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा परियोजनाओं को गति देने की तैयारी में है, ताकि क्षेत्रीय असमानता को कम किया जा सके। सामाजिक कल्याण योजनाओं के तहत वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों के भरण-पोषण के लिए धनराशि में बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसके अलावा शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में संभावित वृद्धि से लाखों शिक्षकों को राहत मिल सकती है।

कई अहम प्रस्तावों पर हुई विस्तृत चर्चा

कैबिनेट बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। इनमें यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन) से जुड़े प्रोजेक्ट, लखनऊ मेट्रो के निर्माण और संचालन से संबंधित योजनाएं, गौतम बुद्ध विकास प्राधिकरण की संपत्तियों के विकास और आवंटन, तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। आयुष विभाग की सीएजी रिपोर्ट को सदन में रखने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग सकती है। इसके अलावा चित्रकूट लिंक परियोजना की रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) और बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड द्वारा लखीमपुर में नई औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए जारी लेटर ऑफ कम्फर्ट जैसे प्रस्ताव भी चर्चा में हैं। इन परियोजनाओं को राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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