योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, औद्योगिक-व्यावसायिक संपत्तियों की गिफ्ट डीड ₹5,000 में, सेमीकंडक्टर नीति को हरी झंडी

डिजिटल डेस्क- राजधानी लखनऊ में मंगलवार को लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में विकास और सुधार से जुड़े 13 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का सीधा असर स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, उद्योग, परिवहन, उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों पर पड़ेगा। बैठक के बाद मंत्रियों ने प्रेसवार्ता कर कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि सरकार ने अब आवासीय और कृषि भूमि के बाद औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों की गिफ्ट डीड को भी ₹5,000 के स्टांप पर रजिस्ट्री कराने की सुविधा दे दी है। पहले यह सुविधा केवल आवासीय और कृषि भूमि तक सीमित थी। अब व्यावसायिक जमीन और औद्योगिक संपत्तियां भी अपनों के नाम मात्र ₹5,000 के स्टांप शुल्क पर ट्रांसफर की जा सकेंगी। इससे पहले शहरों में 7 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 प्रतिशत स्टांप शुल्क लिया जाता था। उन्होंने यह भी बताया कि कुशीनगर और झांसी में नए रजिस्ट्री कार्यालयों के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है, जिससे इन जिलों में रजिस्ट्रेशन से जुड़ी सुविधाएं बेहतर होंगी।

उच्च शिक्षा में सख्ती और विस्तार

मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद की मान्यता समाप्त करने का निर्णय कैबिनेट में लिया गया है। यह निजी विश्वविद्यालय वर्ष 2011 में स्थापित हुआ था, लेकिन यहां फर्जी मार्कशीट जारी होने के मामले सामने आए थे। कुलपति और कुलसचिव की गिरफ्तारी के बाद जांच कराई गई, जिसमें गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। बिना मान्यता के कोर्स संचालित किए जा रहे थे, जिसके चलते विश्वविद्यालय की मान्यता समाप्त कर परिसमापन कर दिया गया। वहीं मेरठ स्थित आईआईएमटी विश्वविद्यालय को नोएडा में ऑफ-कैंपस खोलने की अनुमति दे दी गई है। इसके लिए संचालन प्राधिकार पत्र जारी करने का प्रस्ताव भी कैबिनेट ने मंजूर कर लिया है।

सेमीकंडक्टर और जीसीसी नीति को मंजूरी

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि उद्योग विभाग की ओर से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) को लेकर तैयार की गई गाइडलाइन को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। साथ ही जनवरी 2024 में लाई गई सेमीकंडक्टर नीति पर भी मुहर लग गई है। जो कंपनियां ₹3,000 करोड़ या उससे अधिक का निवेश करेंगी, उन्हें केस-टू-केस आधार पर सब्सिडी और कई तरह की रियायतें दी जाएंगी।

पीलीभीत में बस अड्डा, वाराणसी में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल

पीलीभीत में दो वर्षों के भीतर नया बस अड्डा बनेगा। इसके लिए मुख्यालय से एक किलोमीटर दूर कनेक्ट रोड पर 7,000 वर्ग मीटर जमीन 30 साल की लीज पर दी गई है, जिसे दो बार 30-30 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में वाराणसी को बड़ी सौगात मिली है। मंडलीय चिकित्सालय के पुराने 11 भवनों को ध्वस्त कर वहां 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाएगा, जो चार वर्षों में तैयार होगा। इसके अलावा वाराणसी में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के लिए 50 एकड़ जमीन देने का भी निर्णय लिया गया है।

आवास और खेल विभाग से जुड़े फैसले

कैबिनेट ने पीएसी 37वीं वाहिनी, कानपुर में निष्प्रयोज्य भवनों को गिराकर 108 टाइप-वन आवासों के निर्माण को भी मंजूरी दी है। वहीं क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी के 18 पदों में अब 2/3 पद प्रमोशन से और 1/3 पद अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं से भरे जाएंगे।

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