KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर प्रदेश की विकास यात्रा और आर्थिक उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। इस बजट का उद्देश्य औद्योगिक निवेश बढ़ाना, रोजगार सृजन, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाना, किसानों की आय बढ़ाना और बहुआयामी गरीबी उन्मूलन सुनिश्चित करना है।
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रुपये होने का अनुमान है। पिछले कार्यकाल में करीब 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफलता मिली है। बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है।
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हो चुके हैं, जिनसे लगभग 10 लाख रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इसके अलावा करीब 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी 16,000 से अधिक परियोजनाओं के चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह आयोजित किए जा चुके हैं।
सुरेश खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माण केंद्र बन चुका है, जहां देश के कुल उत्पादन का 65 प्रतिशत हिस्सा तैयार होता है। प्रदेश में देश की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयां स्थित हैं और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। स्टार्टअप रैंकिंग में उत्तर प्रदेश ‘लीडर श्रेणी’ में शामिल है।
सरकार ने ‘जनविश्वास सिद्धांत’ के तहत उद्योगों के रजिस्ट्रेशन और लाइसेंसिंग को और सरल और पारदर्शी बनाने का भी ऐलान किया। इसके साथ ही डिजिटल इंटरप्रेन्योरशिप योजना के तहत युवाओं को डिजिटल माध्यम से स्वरोजगार और स्टार्टअप अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश कृषि उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा उत्पादन में उत्तर प्रदेश का योगदान राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक है। सिंचित क्षेत्र 2.16 करोड़ हेक्टेयर से बढ़कर 2.76 करोड़ हेक्टेयर हो गया है और फसल सघनता 162.7 प्रतिशत से बढ़कर 193.7 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
ऊर्जा क्षेत्र में ताप विद्युत उत्पादन क्षमता 5,878 मेगावॉट से बढ़कर दिसंबर 2025 तक 9,120 मेगावॉट हो गई है। साथ ही प्रदेश में 2,815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। विश्व बैंक सहायता प्राप्त यूपी एग्रीज परियोजना के तहत एग्री-एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जाएंगे, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और कृषि उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात होगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार सृजन और कौशल विकास सर्वोपरि हैं। सरकार बेरोजगार युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देगी और हस्तकौशल वाले युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम चलाएगी। इसका उद्देश्य नई अर्थव्यवस्था में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना और उन्हें रोजगार के योग्य बनाना है।