शिव शंकर सविता- लखनऊ में सीएम हेल्पलाइन 1076 से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां कर्मचारियों ने अपनी ही सेवा प्रदाता कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सीएम हेल्पलाइन में कार्यरत कर्मचारियों ने वेतन विसंगतियों, काम का दबाव, और अन्य कारणों के चलते राजधानी में जमकर हंगामा काटा था। आक्रोशित कर्मचारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बैरिकेंटिग तक लगानी पड़ी थी। सीएम हेल्पालइन में कार्यरत कर्माचारियों ने ‘वी विन प्राइवेट लिमिटेड’ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि उन्हें तय वेतन वृद्धि और मूलभूत सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं, जिससे उनमें भारी नाराजगी है। यह हेल्पलाइन उत्तर प्रदेश सरकार की एक अहम जनसेवा परियोजना है, जहां आम नागरिकों की शिकायतें दर्ज कर उनका समाधान किया जाता है। ऐसे में यहां कार्यरत कर्मचारियों की असंतुष्टि सीधे तौर पर सेवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी ने न केवल वेतन बढ़ोतरी को लागू नहीं किया, बल्कि अन्य सुविधाओं में भी कटौती की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपीडेस्को ने लिया संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपीडेस्को (UPDESCO) ने तत्काल संज्ञान लिया है। विभाग ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूरे मामले में विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों को तय मानकों के अनुसार वेतन और सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं। यूपीडेस्को की प्रबंध निदेशक नेहा जैन ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि जनसेवा से जुड़ी परियोजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन में रोजाना दर्ज होती हैं हजारों शिकायतें
सूत्रों के मुताबिक, कंपनी से यह भी पूछा गया है कि आखिर किन कारणों से कर्मचारियों को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने। गौरतलब है कि सीएम हेल्पलाइन 1076 राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक है, जहां रोजाना हजारों शिकायतें दर्ज होती हैं। ऐसे में इस सेवा से जुड़े कर्मचारियों का संतुष्ट और प्रेरित होना बेहद जरूरी है, ताकि जनता को समय पर और प्रभावी समाधान मिल सके।