KNEWS DESK- प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों के लिए एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्तियों का पूरा विवरण ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रदेश में इस आदेश का असर आठ लाख से अधिक राज्य कर्मचारियों पर पड़ेगा।
सरकार के आदेश के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 तक अर्जित सभी चल-अचल संपत्तियों का विवरण 31 जनवरी 2026 तक मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना होगा। यदि कोई कर्मचारी तय समय सीमा के भीतर यह जानकारी नहीं देता है, तो फरवरी माह में जनवरी का वेतन रोक दिया जाएगा।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारी-कर्मचारी अपनी 31 दिसंबर 2024 तक अर्जित संपत्तियों का विवरण 31 जनवरी तक पोर्टल पर अनिवार्य रूप से भरें। उन्होंने बताया कि यह सुविधा 1 जनवरी से मानव संपदा पोर्टल पर शुरू कर दी गई है।
सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को इस आदेश के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।
सरकार ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा के भीतर संपत्ति का विवरण न देना प्रतिकूल माना जाएगा। इतना ही नहीं, 1 फरवरी 2025 के बाद होने वाली विभागीय प्रमोशन समिति (DPC) की बैठकों में ऐसे अधिकारी या कर्मचारी के प्रमोशन पर विचार नहीं किया जाएगा, जिन्होंने अपनी संपत्ति का विवरण अपलोड नहीं किया होगा।