KNEWS DESK- लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण के दौरान हुए हंगामे के बाद स्पीकर ओम बिरला ने कड़ा रुख अपनाया है। सदन में अनुशासन भंग करने के आरोप में 7 विपक्षी सांसदों को संसद के शेष बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के चलते ये सांसद अब मौजूदा बजट सत्र की बाकी कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
यह कार्रवाई उस घटना के बाद की गई, जब विपक्षी सांसदों पर सदन के अंदर टेबल पर चढ़ने, आसन की ओर कागज फेंकने और कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप लगे। स्पीकर ने इसे सदन की गरिमा के खिलाफ बताते हुए कड़ा कदम उठाया।
निलंबित किए गए सांसदों में कांग्रेस के अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, डीन कुरियाकोस, किरण कुमार रेड्डी और मणिकम टैगोर शामिल हैं। इनके अलावा अन्य विपक्षी सांसदों को भी इस कार्रवाई की जद में लिया गया है। सभी को सदन में कागज उछालने और आसन की अवमानना करने के मामले में मौजूदा सत्र की शेष अवधि के लिए लोकसभा से निलंबित किया गया है।
इससे पहले हंगामे के दौरान टेबल पर चढ़ने वाले सांसदों को लेकर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन सरकार उनके भाषण को रोकने की कोशिश कर रही है। वेणुगोपाल ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा था कि अगर सरकार में हिम्मत है तो सांसदों को निलंबित करके दिखाए। उन्होंने यहां तक कहा कि सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष के सांसदों को निलंबित करके दिखाए।
स्पीकर की इस कार्रवाई के बाद संसद में राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। विपक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि सदन की मर्यादा बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था। अब यह देखना होगा कि इस फैसले के बाद विपक्ष की रणनीति क्या रहती है और संसद की कार्यवाही आगे कैसे चलती है।