KNEWS DESK: आज के समय में किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर स्मार्ट फार्मिंग की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। कम लागत और कम समय में ज्यादा मुनाफा देने वाली फसलों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसी ही एक फसल है मूली, जो महज 2 से 3 महीने नहीं बल्कि 40-50 दिनों में ही तैयार होकर बाजार में बिकने के लिए तैयार हो जाती है।

क्यों फायदेमंद है मूली की खेती?
मूली एक शॉर्ट-टर्म फसल है, जिसकी बाजार में पूरे साल मांग बनी रहती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसान एक ही खेत में सालभर में कई बार इसकी पैदावार ले सकते हैं। इससे कमाई लगातार बनी रहती है और जोखिम भी कम होता है।
मूली की खेती कैसे करें?
मूली उगाना बेहद आसान है और इसके लिए ज्यादा संसाधनों की जरूरत नहीं होती। सही तरीके अपनाकर किसान बेहतर उत्पादन हासिल कर सकते हैं।
- खेत की 2-3 बार अच्छी तरह जुताई करें ताकि मिट्टी नरम और भुरभुरी हो जाए
- उन्नत और हाइब्रिड बीजों का चयन करें, जिससे पैदावार बेहतर हो
- बीजों की बुवाई मेढ़ (रिज) बनाकर करें, इससे मूली की ग्रोथ अच्छी होती है
- बुवाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें और समय-समय पर नमी बनाए रखें
- करीब 40-50 दिनों में फसल तैयार हो जाती है, जिसे निकालकर सीधे मंडी भेजा जा सकता है
लागत कम, मुनाफा ज्यादा
मूली की खेती की सबसे खास बात इसका कम खर्च और ज्यादा रिटर्न है।
- एक एकड़ में खेती की लागत लगभग 10 से 15 हजार रुपये तक आती है
- बाजार में अगर 10-15 रुपये प्रति किलो का भाव भी मिले तो 1 से 1.5 लाख रुपये तक की कमाई संभव है
- इसमें कीट और बीमारियों का खतरा कम होता है, जिससे दवाइयों पर खर्च घटता है
- साल में 3 से 4 बार इसकी खेती कर किसान लगातार आय बना सकते हैं
अतिरिक्त कमाई का मौका
मूली के साथ इसके पत्तों की भी बाजार में अच्छी मांग रहती है। इन्हें बेचकर किसान अतिरिक्त आय कमा सकते हैं।