डिजिटल डेस्क- छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से एक बार फिर बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। कर्रेगुट्टा हिल्स इलाके में नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हुए कई IED धमाकों को अंजाम दिया, जिसमें कम से कम 11 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत रेस्क्यू कर हेलिकॉप्टर के जरिए रायपुर भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। बीजापुर पुलिस के अनुसार, घायल जवानों में 10 डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के हैं, जो छत्तीसगढ़ पुलिस की विशेष इकाई है, जबकि एक जवान CRPF की एलीट यूनिट CoBRA (कमांडो बटालियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन) का है। CoBRA यूनिट के घायल अधिकारी की पहचान 210वीं बटालियन के सब-इंस्पेक्टर रुद्रेश सिंह के रूप में हुई है।
डीआरपी के दो जवान समेत सब इंस्पेक्टर घायल
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सब-इंस्पेक्टर रुद्रेश सिंह और DRG के दो जवानों के पैरों में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि तीन अन्य जवानों की आंखों में छर्रे लगे हैं। सभी घायलों को रायपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल सभी जवानों की हालत स्थिर बताई जा रही है। कर्रेगुट्टा हिल्स क्षेत्र को नक्सलियों का गढ़ माना जाता रहा है। नवंबर 2025 में सुरक्षा बलों ने उसूर थाना क्षेत्र के ताड़पाला गांव में अपना कैंप स्थापित किया था, जिसे बड़े माओवादी नेताओं का सुरक्षित ठिकाना माना जाता था। इसके बाद से इस इलाके में नक्सल गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है।
अप्रैल-मई माह में सुरक्षा बलों ने चलाया था बड़ा ऑपरेशन
गौरतलब है कि अप्रैल-मई 2025 में केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों ने कर्रेगुट्टा हिल्स के घने जंगलों में 21 दिन का बड़ा ऑपरेशन चलाया था। इस ऑपरेशन में 31 नक्सली मारे गए थे और बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। सुरक्षा बलों ने उस दौरान 35 हथियार, करीब 450 IED, डेटोनेटर, विस्फोटक डिवाइस, मेडिकल सप्लाई, इलेक्ट्रिक उपकरण और नक्सली साहित्य जब्त किया था। यह IED हमला बस्तर रेंज में हाल ही में हुए एक बड़े एनकाउंटर के कुछ ही दिनों बाद हुआ है, जिसमें सुरक्षाबलों ने छह नक्सलियों को ढेर किया था। उस मुठभेड़ में दो AK-47, दो .303 राइफल, एक INSAS राइफल और एक BGL लॉन्चर बरामद किए गए थे।
31 मार्च तक माओवाद खत्म करने का है लक्ष्य
लगातार जारी कार्रवाई के तहत शनिवार को भी सुरक्षा बलों ने बीजापुर के उत्तर-पश्चिमी इलाके में एक एनकाउंटर साइट से दो और माओवादियों के शव बरामद किए। DRG, CoBRA और स्पेशल टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश से माओवाद को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य तय किया है। आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों की संख्या घटकर तीन रह गई है—बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर। सरकार के अनुसार, 2014 से 2025 के बीच हजारों नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है या उन्हें गिरफ्तार किया गया है।