Knews Desk– दिल्ली सरकार ने छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने और स्कूल तक उनकी पहुंच आसान बनाने के उद्देश्य से ‘विद्या वाहिनी योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना के तहत राजधानी के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त (एडेड) स्कूलों में पढ़ने वाली कक्षा 9 की करीब 1.40 लाख छात्राओं को मुफ्त साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से छात्राओं की स्कूल में नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, ड्रॉपआउट की समस्या कम होगी और बालिका शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 1 अगस्त को इस योजना का शुभारंभ किया। लॉन्च कार्यक्रम के दौरान 3,000 से अधिक छात्राओं को साइकिलें वितरित की गईं। सरकार ने बताया कि आने वाले महीनों में चरणबद्ध तरीके से सभी पात्र छात्राओं तक साइकिल पहुंचाई जाएगी। इसके लिए करीब 90 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।इस योजना का लाभ केवल दिल्ली के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में नियमित रूप से कक्षा 9 में अध्ययनरत छात्राओं को मिलेगा। इसके लिए छात्रा का दिल्ली का स्थायी निवासी होना भी अनिवार्य है। निजी (प्राइवेट) स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राएं इस योजना के दायरे में शामिल नहीं होंगी।
योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि छात्राओं को किसी भी प्रकार का ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन नहीं करना होगा। सरकार ने पूरी प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया है। संबंधित स्कूलों के प्राचार्य स्वयं पात्र छात्राओं की सूची तैयार करेंगे और उसे शिक्षा निदेशालय को भेजेंगे। सूची का सत्यापन होने के बाद छात्राओं को चरणबद्ध तरीके से मुफ्त साइकिलें वितरित की जाएंगी।हालांकि साइकिल प्राप्त करते समय छात्राओं को कुछ जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इनमें स्कूल का वैध पहचान पत्र, आधार कार्ड या दिल्ली का निवास प्रमाण पत्र तथा कक्षा 9 में प्रवेश का प्रमाण शामिल होगा। इन दस्तावेजों के सत्यापन के बाद छात्राओं को साइकिल सौंप दी जाएगी।
दिल्ली सरकार का कहना है कि राजधानी के कई इलाकों में छात्राओं को स्कूल तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। परिवहन की सुविधा नहीं होने या आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कई छात्राएं नियमित रूप से स्कूल नहीं जा पातीं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। कई मामलों में यही कारण आगे चलकर पढ़ाई बीच में छोड़ने की वजह भी बन जाता है। ‘विद्या वाहिनी योजना’ का उद्देश्य ऐसी छात्राओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है ताकि वे बिना किसी परेशानी के रोजाना स्कूल पहुंच सकें।शिक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराने से उनकी उपस्थिति में सुधार होगा और शिक्षा जारी रखने की संभावना बढ़ेगी। खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए यह योजना काफी मददगार साबित हो सकती है।
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना का संचालन पूरी तरह स्कूलों के माध्यम से किया जाएगा, इसलिए छात्राओं और अभिभावकों को किसी एजेंट या बाहरी व्यक्ति के झांसे में आने की जरूरत नहीं है। यदि कोई छात्रा पात्रता की सभी शर्तें पूरी करती है, तो संबंधित स्कूल प्रशासन स्वयं उसका नाम सूची में शामिल करेगा।’विद्या वाहिनी योजना’ के जरिए दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल मुफ्त साइकिल बांटना नहीं, बल्कि बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करना, स्कूल छोड़ने की दर कम करना और छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाना है। सरकार को उम्मीद है कि यह पहल हजारों छात्राओं के लिए शिक्षा का सफर आसान बनाएगी और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का बेहतर अवसर देगी।