KNEWS DESK – आईपीएल 2026 का रोमांच शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है और 28 मार्च से टूर्नामेंट का आगाज होने जा रहा है। हर नए सीजन की तरह इस बार भी Board of Control for Cricket in India ने कुछ नए नियम लागू किए हैं, जो खेल को और ज्यादा संतुलित और दिलचस्प बनाने वाले हैं। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा जिस नियम की हो रही है, वह गेंद बदलने से जुड़ा है—खासकर दूसरी पारी में।
क्या है नया नियम?
नई व्यवस्था के तहत अगर मैच के दौरान गेंद खो जाती है या उसकी स्थिति बेहद खराब हो जाती है, तो अंपायर उसे बदल सकते हैं। हालांकि, नई गेंद देने के बजाय उसी स्थिति (कंडीशन) की दूसरी गेंद दी जाएगी, ताकि खेल का संतुलन बना रहे। इस दौरान अंपायर बल्लेबाज और फील्डिंग टीम के कप्तान को इसकी जानकारी देंगे।
दूसरी पारी में मिलेगा खास फायदा
इस बार सबसे बड़ा बदलाव दूसरी पारी में गेंदबाजी करने वाली टीम के लिए किया गया है। नियम के मुताबिक, शाम के मैचों में 10वें ओवर के बाद फील्डिंग टीम एक बार गेंद बदलने की मांग कर सकती है। यह विकल्प उन्हें सिर्फ एक बार ही मिलेगा।
दरअसल, डे-नाइट मैचों में ओस (dew) की वजह से गेंद गीली हो जाती है, जिससे गेंदबाजों को पकड़ और नियंत्रण में दिक्कत होती है। ऐसे में यह नया नियम गेंदबाजी करने वाली टीम को थोड़ी राहत देगा।
लेकिन शर्तें भी हैं
गेंद बदलने के इस नियम के साथ कुछ शर्तें भी लागू की गई हैं:
- फील्डिंग टीम गेंद बदलने की मांग सिर्फ ओवर खत्म होने के बाद ही कर सकती है।
- ओवर के बीच में गेंद बदलने की अनुमति नहीं होगी।
- नई गेंद नहीं दी जाएगी, बल्कि उसी तरह की पुरानी कंडीशन वाली गेंद दी जाएगी।
मैच पर क्या होगा असर?
यह नियम खास तौर पर टी20 मैचों में संतुलन बनाने की कोशिश है, जहां अक्सर ओस की वजह से दूसरी पारी में गेंदबाजों को नुकसान होता है। अब गेंद बदलने का विकल्प मिलने से मुकाबले और ज्यादा टक्कर के हो सकते हैं।