डिजिटल डेस्क- नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन के तीसरे दिन प्रदर्शन स्थल पर सियासी पारा उस समय और चढ़ गया जब धरनास्थल पर आने वाले लोगों के पहचान पत्रों की जांच को लेकर पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और दिल्ली पुलिस के बीच तीखी बहस देखने को मिली। इस बीच, आंदोलन को उस समय बड़ी मजबूती मिली जब भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के चढूनी गुट ने छात्रों के इस प्रदर्शन को अपना पूर्ण समर्थन देने का आधिकारिक एलान कर दिया।
आईडी कार्ड चेकिंग पर भड़के अभिजीत दीपके, निजता का उठाया सवाल
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि धरनास्थल पर आने वाले आम लोगों, छात्रों और यहाँ तक कि पानी या भोजन पहुंचाने वाले सेवादारों से भी पहचान पत्र (आईडी कार्ड) मांगे जा रहे हैं। दीपके ने पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, “यह पूरी तरह से नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। किसी व्यक्ति के पहचान पत्र देखकर उसकी व्यक्तिगत जानकारी हासिल की जा रही है, जो पूरी तरह से लोगों की निजता से जुड़ा हुआ गंभीर विषय है।” हालांकि, दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट जारी कर प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए निराधार बताया है।
किसानों का मिला साथ, आंदोलन हुआ और मजबूत
अभिजीत दीपके द्वारा देश भर के किसानों और मजदूरों से छात्रों के समर्थन में आगे आने की अपील का बड़ा असर देखने को मिला है। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के चढूनी धड़े ने जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों के सुर में सुर मिलाने और अपनी मांगें भी इस मंच से उठाने का फैसला किया है। किसानों के इस फैसले का स्वागत करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा, “मैं आंदोलन को समर्थन देने और छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने के लिए भारतीय किसान यूनियन का दिल से धन्यवाद करता हूँ।” प्रदर्शनकारियों का भी मानना है कि किसानों के आने से सरकार पर दबाव बढ़ेगा और जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन थमेगा नहीं।
परदे के पीछे स्वयंसेवकों ने संभाली पूरी कमान
जंतर-मंतर पर चल रहा यह प्रदर्शन अब एक बड़े सामूहिक प्रयास का रूप लेता जा रहा है। धरनास्थल पर आने वाले हजारों प्रदर्शनकारियों के लिए चाय, समोसे और पानी की निरंतर व्यवस्था की जा रही है। सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने बताया कि कई ऐसे कार्यकर्ता हैं जो अपनी नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद बिना किसी प्रचार-प्रसार के दिन-रात सेवा कार्यों में जुटे हैं और यही लोग इस आंदोलन की असली रीढ़ हैं। वहीं, अभिजीत दीपके ने भी स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी जन आंदोलन की वास्तविक ताकत वे लोग होते हैं जो परदे के पीछे रहकर व्यवस्थाओं को संभालते हैं।