KNEWS DESK – देशभर में सोमवार को 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। लेकिन इस बीच कांग्रेस ने एक मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पीछे की पंक्ति में बैठाकर प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया।
इस मामले को लेकर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने एक पुरानी तस्वीर और मौजूदा समारोह का वीडियो शेयर करते हुए तुलना की। तस्वीर उस समय की है जब केंद्र में कांग्रेस सरकार थी और गणतंत्र दिवस समारोह में वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, अरुण जेटली और सुषमा स्वराज को पहली पंक्ति में बैठाया गया था। वहीं, वर्तमान वीडियो में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को तीसरी पंक्ति में बैठे देखा जा सकता है। मनीष तिवारी ने लिखा, “सब याद रखा जाएगा।”
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताई। उन्होंने इसे विपक्षी नेताओं का अपमान बताया और 2014 की एक तस्वीर साझा करते हुए पूछा कि आखिर अब प्रोटोकॉल क्यों बदला गया है। टैगोर ने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जानबूझकर राहुल गांधी और खरगे का अपमान करना चाहते हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा ने भी सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह शिष्टाचार और मर्यादा का सीधा उल्लंघन है। तन्खा ने एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसर पर विपक्ष के नेताओं के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतंत्र को आहत करता है।
वहीं, कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के नेता प्रतिपक्ष के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी परंपरा और प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं है। सुरजेवाला ने इसे सरकार की “हीन भावना” करार देते हुए कहा कि लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।