असम में कांग्रेस को बड़ा झटका, सांसद प्रद्युत बोरदोलोई का इस्तीफा, चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल

KNEWS DESK- असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र Mallikarjun Kharge को भेजा। बोरदोलोई नागांव लोकसभा सीट से दो बार सांसद रह चुके हैं और असम सरकार में मंत्री पद भी संभाल चुके हैं।

उनके इस्तीफे का समय बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि उनके बेटे प्रतीक मार्गेरिटा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार हैं और 9 अप्रैल को उनकी किस्मत का फैसला होना है। ऐसे में इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है और कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान भी उजागर हो गई है।

अपने संक्षिप्त इस्तीफे में बोरदोलोई ने लिखा कि वे दुख के साथ कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से त्यागपत्र दे रहे हैं। राजनीतिक सूत्रों का मानना है कि टिकट वितरण को लेकर असंतोष इस फैसले की प्रमुख वजह है।

बताया जा रहा है कि बोरदोलोई ने हाल ही में AICC प्रभारी Jitendra Singh को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी कि यदि लाहोरीघाट से मौजूदा विधायक आसिफ मोहम्मद नजर को दोबारा टिकट दिया गया, तो वे पार्टी छोड़ सकते हैं। उन्होंने नजर के करीबी सहयोगी एमदादुल इस्लाम पर गंभीर आरोप भी लगाए, जिसमें अप्रैल 2025 में हमले की घटना का जिक्र किया गया। बोरदोलोई ने यह भी दावा किया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Gaurav Gogoi ने इस्लाम से उनके घर पर मुलाकात की थी।

इस बीच असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने सार्वजनिक तौर पर बोरदोलोई को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा उनका स्वागत करेगी और उन्हें आगामी चुनाव में सुरक्षित सीट से उम्मीदवार बनाया जा सकता है।गौरतलब है कि हाल के हफ्तों में कांग्रेस को असम में कई झटके लगे हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Bhupen Kumar Borah पहले ही भाजपा का दामन थाम चुके हैं। वहीं, बोरदोलोई के करीबी सहयोगी नवज्योति तालुकदार ने भी टिकट न मिलने से नाराज होकर पार्टी छोड़ दी।

फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व स्थिति को संभालने की कोशिश में जुटा है। प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई और जितेंद्र सिंह ने दिल्ली में बोरदोलोई से मुलाकात शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि पार्टी उन्हें मनाने में सफल होती है या चुनाव से पहले कांग्रेस को एक और बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा।

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