डिजिटल डेस्क- इंदौर में दूषित पानी से कम से कम 15 लोगों की मौत और 100 से अधिक लोग बीमार होने के बाद राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। भाजपा नेत्री उमा भारती ने इस घटना को लेकर मध्य प्रदेश सरकार और प्रशासन पर तीखी टिप्पणी की। उमा भारती ने कहा कि यह घटना पूरे प्रदेश और सरकार के लिए कलंकपूर्ण है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए न्याय की मांग की और कहा कि दोषियों को कठोर दंड मिलना चाहिए। उन्होंने मोहन यादव को घेरते हुए कहा, “जब आपकी नहीं चली तो आप बिसलेरी का पानी पीते रहे और जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे?” भाजपा नेत्री का आरोप है कि इस मामले को लेकर सरकार की जवाबदेही और जवाब देने की क्षमता शून्य है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों से माफी मांगी जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा
इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष जीतेंद्र पटवारी ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतें सत्ता के अहंकार और भ्रष्टाचार का परिणाम हैं। पटवारी ने कहा कि अधिकारियों और महापौर में समन्वय की कमी साफ दिखाई देती है। पटवारी ने कैलाश विजयवर्गीय का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें इस्तीफा देना चाहिए और महापौर पर FIR दर्ज हो। इसके अलावा जिन अधिकारियों की भूमिका है, उनके खिलाफ भी FIR दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी भी भ्रष्टाचार के हिस्सेदार हैं और जनता की जान से खेला जा रहा है।
विपक्ष बना सकता है बड़ा मुद्दा
स्थानीय प्रशासन ने मृतकों और बीमार लोगों के इलाज के लिए तुरंत अस्पतालों में संसाधन जुटाए हैं। प्रभावित इलाकों में पानी की आपूर्ति रोक दी गई है और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन ने बताया कि दूषित पानी का स्रोत ढूंढकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक रूप से यह मामला अब अगले विधानसभा चुनावों में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। उमा भारती और पटवारी दोनों ने राज्य सरकार पर जवाबदेही की मांग करते हुए इसे जनता और मीडिया के सामने रखा।