KNEWS DESK – बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग को लेकर सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कांशीराम को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की मांग की है. वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मांग का समर्थन किया है. अब इस पूरे मामले पर BSP सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का बयान सामने आया है.
मायावती ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही ये पार्टियां वोटों के लालच में कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग उठा रही हैं, जो पूरी तरह हास्यास्पद है.
मायावती ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि सपा और कांग्रेस जैसी पार्टियां शुरू से ही दलित-विरोधी रही हैं. उन्होंने लिखा, “सपा और कांग्रेस आदि दलित-विरोधी पार्टियां इस बार उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही वोटों के स्वार्थ में BSP के जन्मदाता और संस्थापक मान्यवर कांशीराम जी की जयंती मनाकर और भारत रत्न की मांग कर रही हैं. यह हास्यास्पद नहीं तो और क्या है?”
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने जब केंद्र में सरकार चलाई थी तब भी कांशीराम को भारत रत्न नहीं दिया गया, लेकिन अब दूसरी सरकार से यह मांग करना राजनीतिक स्वार्थ को दर्शाता है. मायावती ने आरोप लगाया कि ये पार्टियां शुरू से ही BSP को कमजोर करने की कोशिश करती रही हैं, लेकिन जिस पार्टी की नींव कांशीराम ने रखी है उसे कोई हिला नहीं सकता.
BSP प्रमुख ने यह भी कहा कि इन पार्टियों के अपने महापुरुषों में अब “जान नहीं रही”, इसलिए ये लोग अब दूसरों के महापुरुषों को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांशीराम के जीते-जी भी इन दलों ने हमेशा उनकी उपेक्षा की.
मायावती ने सपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि BSP सरकार के दौरान कांशीराम के सम्मान में जो कार्य किए गए थे, उन्हें समाजवादी पार्टी की सरकार ने बदल दिया. उन्होंने इसे इन दलों की “दोगली राजनीति” करार दिया.
उन्होंने यह भी कहा कि सपा और कांग्रेस से जुड़े कुछ दलित नेता चुप रहें तो बेहतर होगा. मायावती ने याद दिलाया कि ऐसे लोगों से दूरी बनाने के लिए ही कांशीराम ने अंग्रेजी में ‘चमचा युग’ नाम की किताब लिखी थी.
दरअसल, 13 मार्च को एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी की मौजूदगी में प्रस्ताव पारित कर कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग की गई थी. इस दौरान यह भी कहा गया कि अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते हैं तो कांशीराम को भारत रत्न दिया जाएगा. इसके अलावा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग उठाई है, जिसके बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया है.