KNEWS DESK- संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा संकट के समाधान और क्षेत्र में स्थायी शांति तथा विकास को लेकर ‘गाजा पीस बोर्ड’ की स्थापना की घोषणा की है। इस बोर्ड का मुख्य उद्देश्य गाजा में युद्धविराम के बाद इंसानहित और आर्थिक पुनर्निर्माण के कामों को समन्वित करना है। ट्रंप खुद इस बोर्ड के चेयरमैन होंगे और इसमें 60 से अधिक सदस्यों को शामिल करने की योजना है।
बोर्ड में शामिल होने के लिए भारत सरकार को भी आधिकारिक रूप से आमंत्रण भेजा गया है, लेकिन भारत ने अभी तक इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है। अगर भारत इस बोर्ड में शामिल होता है तो यह दो महत्वपूर्ण मायनों में अहम माना जाएगा।
पहला, अगर भारत शामिल होता है तो अमेरिका के बाद इस बोर्ड में सबसे ज़्यादा सदस्यों (2) की संख्या भारतीय मूल के लोगों की होगी। इसका एक उदाहरण दुनिया के प्रमुख विकास बैंक वर्ल्ड बैंक के प्रमुख अजय बंगा हैं, जो पहले ही इस बोर्ड के सदस्य हैं।
दूसरा, अमेरिका के नए अंतरराष्ट्रीय शासन-ढांचे (नए वर्ल्ड ऑर्डर) में भारत की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है, क्योंकि इस सूची में रूस और चीन जैसे देशों को शामिल नहीं किया गया है।
कौन हैं अजय बंगा?
अजय बंगा का जन्म महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हिमाचल प्रदेश के सेंट एडवर्ड्स स्कूल से प्राप्त की। फिर उन्होंने सेंट स्टीफन कॉलेज, दिल्ली से आगे की पढ़ाई की और बाद में आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए की डिग्री हासिल की।
बंगा ने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत नेस्ले कंपनी से की और बाद में व्यवसाय एवं वित्त के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहचान बनाई। साल 2023 में उन्हें वर्ल्ड बैंक का प्रमुख नियुक्त किया गया। भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया है। हालांकि 2007 में उन्होंने अमेरिकी नागरिकता ले ली थी। उनके पिता हरभजन सिंह बंगा भारतीय सेना के अधिकारी रह चुके हैं।
अब ट्रंप ने अजय बंगा को गाजा पीस बोर्ड में एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, जिससे वह शांति-निर्माण और पुनर्विकास के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में अपनी भूमिका निभाएंगे।
गाजा पीस बोर्ड की स्थापना क्यों की गई?
गाजा में इजराइल और अमेरिका के बीच युद्धविराम के बाद ट्रंप प्रशासन ने यहां शांति और विकास को सुनिश्चित करने के लिए इस बोर्ड के गठन की घोषणा की थी। ट्रंप ने कहा था कि अगर संघर्ष रुकता है तो एक शांति बोर्ड की स्थापना होनी चाहिए, जो गाजा में चुनाव तक और उसके बाद तक विकास कार्यों की निगरानी करेगा।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने इस बोर्ड के लिए मिडिल ईस्ट के जॉर्डन, तुर्की तथा दक्षिण एशिया के भारत और पाकिस्तान जैसे देशों को भी आमंत्रण भेजा है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इस बोर्ड और इसके संचालन को लेकर विस्तृत जानकारी अभी तक साझा नहीं की है।