शंकराचार्य विवाद में AAP की एंट्री, अविमुक्तेश्वरानंद से मिले संजय सिंह, सरकार पर साधा निशाना

KNEWS DESK – प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य विवाद ने अब सियासी रंग ले लिया है. समाजवादी पार्टी के बाद अब आम आदमी पार्टी भी इस मुद्दे पर खुलकर सामने आ गई है. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह शुक्रवार को प्रयागराज पहुंचे और अनशन पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने शंकराचार्य के समर्थन में बयान देते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए.

संजय सिंह ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सत्ता से सवाल पूछते हैं, इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को खुद प्रयागराज आकर माफी मांगनी चाहिए. शंकराचार्य होने पर उठ रहे सवालों को लेकर आप सांसद ने कहा कि किसी को यह अधिकार नहीं है कि वह उनसे प्रमाण मांगे. उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी पहले भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मुहिम से जुड़ी रही है और आगे भी उनके साथ खड़ी रहेगी.

आप सांसद ने आरोप लगाया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों के साथ घोर अन्याय हुआ है. उन्होंने कहा कि शिष्यों को घसीट-घसीट कर पीटा गया और 90 वर्ष के बुजुर्गों तक को नहीं बख्शा गया. संजय सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग खुद आज तक अपनी डिग्री नहीं दिखा पाए, वही लोग स्वामी जी से शंकराचार्य होने का प्रमाण मांग रहे हैं. उनके मुताबिक, स्वामी जी का अपमान हिंदू धर्म की आस्था पर सीधा हमला है.

इससे पहले समाजवादी पार्टी भी इस विवाद में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में उतर चुकी है. पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनसे फोन पर बातचीत की थी और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि एक संत और शंकराचार्य के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनके साथ ज्यादती की है, जो किसी भी हाल में उचित नहीं है.

वहीं दूसरी ओर सरकार की तरफ से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि वह शंकराचार्य जी के चरणों में प्रणाम करते हैं और उनसे आग्रह करते हैं कि वे संगम में स्नान करें और इस विवाद को यहीं समाप्त करें. डिप्टी सीएम ने भरोसा दिलाया कि अगर किसी भी तरह के अनादर या गलत व्यवहार के आरोप सही पाए गए तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी. साथ ही उन्होंने शंकराचार्य से अपना विरोध समाप्त करने की अपील भी की.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *