पुलिस स्मृति दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने पुलिसकर्मियों के लिए किए तीन बड़े ऐलान, पीपीएस अधिकारियों का वर्दी भत्ता बढ़ाकर 15 हजार रुपये किया, फील्ड में तैनात दरोगा-इंस्पेक्टर और मुख्य आरक्षी-सिपाहियों को भी मिलेगी राहत।
Knews Desk – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिसकर्मियों के लिए तीन बड़ी घोषणाएं कीं। सीएम योगी ने पीपीएस अधिकारियों के वर्दी भत्ते में बढ़ोतरी करने के साथ ही फील्ड में तैनात उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों के मोटरसाइकिल भत्ते तथा मुख्य आरक्षी और सिपाहियों के मोबाइल सिम भत्ते में भी इजाफा किया।
पीपीएस अधिकारियों का वर्दी भत्ता 6,400 से बढ़कर 15,000 रुपये
सीएम योगी ने पीपीएस अधिकारियों के वर्दी भत्ते को बढ़ाने का ऐलान किया। अब पीपीएस अधिकारियों को 6,400 रुपये के बजाय 15,000 रुपये वर्दी भत्ता दिया जाएगा। इस फैसले से अधिकारियों को वर्दी संबंधी खर्चों में राहत मिलेगी।
फील्ड में तैनात दरोगा और इंस्पेक्टर को मिलेगा मोटरसाइकिल भत्ता
मुख्यमंत्री ने फील्ड में रहने वाले उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों के मोटरसाइकिल भत्ते में भी बढ़ोतरी की घोषणा की। अब उन्हें 1,000 रुपये मोटरसाइकिल भत्ता दिया जाएगा।
मुख्य आरक्षी और सिपाहियों का मोबाइल सिम भत्ता बढ़ा
सीएम योगी ने मुख्य आरक्षी और सिपाहियों के मोबाइल सिम भत्ते को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये करने का ऐलान किया। इन तीन घोषणाओं को पुलिसकर्मियों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
यूपी पुलिस में 45 हजार महिला पुलिसकर्मी, दो लाख से अधिक भर्तियों का दावा
पुलिस भर्ती और संसाधनों का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले पुलिस में हजारों पद खाली पड़े थे। उनकी सरकार ने पुलिसकर्मियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराए और प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाई। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश में बिना भेदभाव के दो लाख से अधिक भर्तियां की गई हैं। उन्होंने बताया कि यूपी पुलिस में अब 45 हजार महिला पुलिसकर्मी हैं, जबकि पहले इनकी संख्या 10 हजार थी।
2017 से पहले की कानून व्यवस्था पर विपक्ष को घेरा
अपने संबोधन में सीएम योगी ने 2017 से पहले की कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं है और 2017 से पहले प्रदेश में माफिया राज था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस को अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने की स्वतंत्रता मिलने से प्रदेश उपद्रव से उत्सव का प्रदेश बन पाया है।
सीएम योगी ने कहा कि पहले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई होते ही सत्ता से फोन आने लगते थे। उन्होंने मुठभेड़ों पर सवाल उठाने वालों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ये वही लोग हैं, जो माफिया की मौत पर मातम मनाते हैं।
थानों में इंस्पेक्टर बैठते थे, लेकिन फैसले कहीं और से आते थे
मुख्यमंत्री ने पिछली व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि पहले थानों में इंस्पेक्टर की कुर्सी तो होती थी, लेकिन फैसले कहीं और से आते थे। उन्होंने मथुरा के जवाहर बाग कांड का भी उल्लेख किया। सीएम योगी ने कहा कि 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद पुलिस से अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने को कहा गया था।
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब उपद्रव प्रदेश से उत्सव प्रदेश बन चुका है। मुख्यमंत्री ने एटीएस की कार्रवाई का जिक्र करते हुए घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार ने पीएसी की कंपनियां खत्म करने का काम किया था।
सीएम योगी ने कहा कि अंग्रेजों के दौर में पुलिस एक्ट दमन के लिए बनाया गया था और अब दमनकारी कानूनों को समाप्त किया गया है।