KNEWS DESK- प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शुक्रवार को दिल्ली में मोर्चा खोल दिया। पार्टी के सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके दौरान महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ ब्रायन को पुलिस हिरासत में लिया गया, जबकि अन्य सांसदों को पुलिस ने वहां से हटा दिया।
महुआ मोइत्रा ने कहा कि ED की छापेमारी पूरी तरह से गलत और राजनीतिक रूप से प्रेरित है। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी को टीएमसी की राजनीतिक और रणनीतिक जानकारी हासिल करने के लिए भेजा गया था। मोइत्रा ने कहा, “हमारी सीएम ममता बनर्जी किसी के सामने नहीं झुकेंगी। बंगाल ने कल पूरे भारत को दिखा दिया कि गृह मंत्रालय ने ED का कैसे गलत इस्तेमाल किया।”
टीएमसी सांसद कीर्ति आज़ाद ने भी BJP पर हमला बोला और कहा कि ग्यारह सालों तक केंद्र सरकार ने टेंडर और संसाधनों का गलत इस्तेमाल किया, जिससे पार्टी और उसके लोगों को लाभ मिला। टीएमसी ने इस घटना को लोकतंत्र और असहमति को दबाने की कोशिश करार दिया और कहा कि बंगाल कभी झुकेगा नहीं।
माता ममता बनर्जी ने भी इस कार्रवाई को चुनाव से पहले राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय एजेंसियों ने पार्टी और सरकार से डेटा और सूची जब्त की। बनर्जी ने कहा, “केंद्र केवल हमारी पार्टी पर ही नहीं, बल्कि हमारी सरकार पर भी हमला कर रहा है। इंसानियत और इंसाफ के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी।”
इस विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में ED ने कोयला चोरी घोटाले से जुड़े धनशोधन की जांच के तहत गुरुवार को कोलकाता स्थित आई-पैक कार्यालय और निदेशक प्रतीक जैन के घर की तलाशी ली थी। टीएमसी ने इसे चुनावी रणनीति के तहत राजनीतिक दबाव का हिस्सा बताया।