K News Desktop- देशभर के करोड़ों किसानों का इंतजार आज खत्म होने जा रहा है। केंद्र सरकार आज 13 मार्च को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान योजना) की 22वीं किस्त जारी करने वाली है। इस किस्त के तहत देश के 9 करोड़ से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में सीधे 2000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। यह आर्थिक सहायता किसानों के लिए खेती से जुड़े रोजमर्रा के खर्चों में बड़ी राहत मानी जाती है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम करीब 5 बजे गुवाहाटी से सिंगल क्लिक के जरिए इस किस्त को जारी करेंगे। इस दौरान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से कुल 18,640 करोड़ रुपये की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, लाभार्थी किसानों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर बैंक से मैसेज भी आने लगेगा, जिससे उन्हें पता चल जाएगा कि उनके खाते में पैसे पहुंच गए हैं।
सरकार के अनुसार इस बार की किस्त से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बल मिलेगा। खास बात यह है कि इस किस्त का लाभ बड़ी संख्या में महिला किसानों को भी मिलेगा। आंकड़ों के मुताबिक करीब 2.15 करोड़ से अधिक महिला किसान भी इस योजना के तहत सीधे आर्थिक सहायता प्राप्त करेंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कई बार ऐसा देखा जाता है कि किस्त जारी होने के बाद किसानों को यह स्पष्ट नहीं होता कि उनका नाम लाभार्थी सूची में शामिल है या नहीं। ऐसी स्थिति में किसान घर बैठे ही आसानी से अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां ‘अपना स्टेटस जानें’ विकल्प पर क्लिक करके किसान अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद कैप्चा कोड भरने और मोबाइल पर आए ओटीपी की पुष्टि करने के बाद तुरंत यह जानकारी मिल जाएगी कि उनकी किस्त जारी हुई है या नहीं।
खाते में पैसा आने के बाद उसे निकालना भी अब पहले से काफी आसान हो गया है। अगर किसी किसान का बैंक दूर है, तो वह अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर फेयर प्राइस शॉप, सेल्फ हेल्प ग्रुप या किसान प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन के जरिए भी रकम प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे डिजीपे और डिजीपे लाइट के माध्यम से भी आसानी से नकदी निकाली जा सकती है।
हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ बिना किसी रुकावट के पाने के लिए कुछ जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करना आवश्यक है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण ई-केवाईसी और बैंक खाते का आधार से लिंक होना शामिल है। अगर किसी किसान ने अभी तक ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, तो उसकी किस्त अटक सकती है। ऐसे में लाभार्थियों को सलाह दी गई है कि वे पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी तुरंत अपडेट कर लें ताकि उन्हें मिलने वाली आर्थिक सहायता समय पर मिल सके।
साल 2019 में शुरू हुई पीएम किसान योजना आज देश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक मजबूत आर्थिक सहारा बन चुकी है। इस योजना के तहत हर साल किसानों को 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो 2000-2000 रुपये की तीन किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। यह रकम किसानों को बीज, खाद और कीटनाशक जैसे जरूरी कृषि संसाधन खरीदने में मदद करती है और खेती के खर्चों का बोझ कम करने में अहम भूमिका निभाती है।