शासकों को गद्दी से खींचकर सड़कों पर दौड़ाकर पीटना पड़ेगा और देश छोड़ने पर मजबूर करना पड़ेगा… जेजेपी प्रमुख अजय चौटाला के बयान से सियासी उबाल

डिजिटल डेस्क- हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर सियासी पारा उस समय चढ़ गया, जब जननायक जनता पार्टी (JJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला ने महेंद्रगढ़ में आयोजित युवा योद्धा सम्मेलन के दौरान बेहद विवादित और उग्र बयान दे दिया। अपने भाषण में अजय चौटाला ने सीधे तौर पर शासकों के खिलाफ हिंसक आंदोलन की बात कही, जिसके बाद उनके बयान को लेकर राजनीतिक दलों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। सम्मेलन को संबोधित करते हुए अजय चौटाला ने कहा कि अब बदलाव की सख्त जरूरत है और यह बदलाव युवाओं को ही लाना होगा। उन्होंने कहा, “वो समय आ गया है जब अपने आप को संगठित करना होगा। जिस तरह से श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल में नौजवानों ने सरकारों का तख्तापलट किया, उसी तरह यहां भी शासकों को गद्दी से खींचकर सड़कों पर दौड़ाकर पीटना पड़ेगा और देश छोड़ने पर मजबूर करना पड़ेगा।” अजय चौटाला यहीं नहीं रुके। उन्होंने अपने बयान में कहा कि मौजूदा शासन से तभी छुटकारा मिलेगा, जब जनता और युवा एकजुट होकर निर्णायक आंदोलन करेंगे। उनके इस बयान को लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताया जा रहा है और इसे भड़काऊ भाषण की श्रेणी में रखा जा रहा है।

कांग्रेस पर भी साधा निशाना

अपने भाषण के दौरान अजय चौटाला ने कांग्रेस पार्टी पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विपक्ष की भूमिका निभाने में पूरी तरह विफल रही है और अब वह सत्ता पक्ष की “बी टीम” बनकर काम कर रही है। अजय चौटाला ने आरोप लगाया कि रोहतक जिले की जनता ने कांग्रेस और भूपेंद्र सिंह हुड्डा को सबसे ज्यादा ताकत दी, लेकिन बदले में जनता को निराशा ही मिली। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस और हुड्डा परिवार की राजनीति से हुआ है। अजय चौटाला के बयान पर इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला ने सीधी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “झूठ और फरेब की दुकान बंद हो गई है।” उनके इस बयान को अजय चौटाला और JJP पर करारा हमला माना जा रहा है।

सरकार की ओर से जवाब

अजय चौटाला के बयान पर हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस बयान पर कार्रवाई होगी या नहीं, इस पर वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन किया जाएगा। कृष्ण बेदी ने कहा, “लोग खुद ऐसे बयानों की निंदा करेंगे। अजय चौटाला को वोटों की चोट लगी है, इसलिए वह बौखलाए हुए हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चौटाला परिवार के भीतर ही राजनीतिक कलह चल रही है।

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