डिजिटल डेस्क- क्रिकेट के नियमों को तय करने वाली संस्था मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने साल 2026 के लिए नए कानूनों का ऐलान कर दिया है। इन नए नियमों के तहत क्रिकेट के कई अहम प्रावधानों में बदलाव किया गया है, लेकिन सबसे बड़ा और चर्चित बदलाव टेस्ट क्रिकेट से जुड़ा हुआ है। MCC का मानना है कि इन संशोधनों से खेल में निष्पक्षता के साथ-साथ रोमांच भी बढ़ेगा।
टेस्ट क्रिकेट में बदला दिन के आखिरी ओवर का नियम
MCC के नए कानून 12.5.2 के अनुसार अब टेस्ट क्रिकेट में दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने के बाद खेल रोका नहीं जाएगा। नए नियम के तहत अगर आखिरी ओवर के दौरान कोई बल्लेबाज आउट होता है, तो मैच उस दिन की अंतिम गेंद तक जारी रहेगा। पहले तक यह प्रचलन था कि दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरते ही अंपायर खेल समाप्त घोषित कर देते थे और अगले दिन नई रणनीति के साथ बल्लेबाजी शुरू होती थी। इस बदलाव से गेंदबाजी कर रही टीम को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। आखिरी ओवर में विकेट गिरने के बाद नया बल्लेबाज तुरंत क्रीज पर आएगा और फील्डिंग टीम उसी ओवर में दबाव बनाकर एक और विकेट निकालने की कोशिश कर सकेगी। MCC का मानना है कि यह नियम टेस्ट क्रिकेट के रोमांच को और बढ़ाएगा और खेल को ज्यादा प्रतिस्पर्धात्मक बनाएगा।
महिला क्रिकेट की गेंद में बदलाव
MCC ने महिला क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली गेंद के नियमों में भी संशोधन किया है। अब महिला क्रिकेट में गेंद का वजन 140 ग्राम से 149 ग्राम के बीच होगा, जबकि पहले इसका वजन 140 से 151 ग्राम तक था। इसके साथ ही गेंद का साइज भी बदला गया है। नया साइज 21.5 से 22 सेंटीमीटर तय किया गया है, जो पहले 21 से 22.5 सेंटीमीटर के बीच होता था। इस बदलाव का उद्देश्य महिला खिलाड़ियों के लिए गेंद को अधिक संतुलित और खेलने में सुविधाजनक बनाना है, ताकि खेल की गुणवत्ता और प्रदर्शन दोनों में सुधार हो सके।
जूनियर क्रिकेट (अंडर-13) के नियम भी बदले
जूनियर क्रिकेट, खासतौर पर अंडर-13 वर्ग में भी गेंद के नियमों में बदलाव किया गया है। पहले जहां गेंद का वजन 133 से 144 ग्राम और साइज 20.5 से 22 सेंटीमीटर था, अब नए नियमों के तहत वजन 140 से 144 ग्राम और साइज 20.5 से 21 सेंटीमीटर रहेगा। इससे युवा खिलाड़ियों को बेहतर नियंत्रण और तकनीकी विकास में मदद मिलने की उम्मीद है। MCC द्वारा घोषित ये सभी नए कानून साल 2026 से प्रभावी होंगे। क्रिकेट जगत में इन बदलावों को खेल के विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। खासकर टेस्ट क्रिकेट के आखिरी ओवर से जुड़ा नियम आने वाले समय में कई मैचों का रुख बदल सकता है और दर्शकों को अतिरिक्त रोमांच देखने को मिल सकता है।