KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ सोमवार से शुरू हुआ। पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार, सदन में सपा और अन्य विपक्षी विधायकों ने जमकर हंगामा किया। राज्यपाल के भाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों ने ‘गो-बैक, गो-बैक’ के नारे लगाकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
विपक्षी विधायकों की लगातार नारेबाजी के बावजूद राज्यपाल ने अपना भाषण जारी रखा। उन्होंने अपने अभिभाषण में कहा कि उत्तर प्रदेश में छह करोड़ लोगों को गरीबी से मुक्ति मिली है, साथ ही पिछले एक साल में सरकार की उपलब्धियों और विकास योजनाओं का उल्लेख किया।
विपक्ष के हंगामे के कारण सदन में सत्र की शुरुआत विवादपूर्ण रही, और बजट सत्र की आगामी कार्यवाही में भी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सक्रिय बहस और नारेबाजी की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस सत्र में न केवल बजट प्रस्तावों पर चर्चा होगी, बल्कि विकास कार्यों की समीक्षा और विभिन्न जनसुविधाओं पर भी बहस होने की संभावना है। विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया और नारेबाजी से यह स्पष्ट है कि सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बहस और टकराव देखने को मिल सकता है।
राज्यपाल के भाषण और विपक्षी हंगामे के बीच यह बजट सत्र न सिर्फ वित्तीय प्रस्तावों, बल्कि राजनीतिक गतिशीलता और रणनीतिक बहसों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।