दार्जिलिंग DM के सेंट्रल डेप्युटेशन को लेकर केंद्र और ममता सरकार में विवाद तेज, राष्ट्रपति मुर्मू के अनादर का मामला गरम

KNEWS DESK – पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अनादर को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच विवाद बढ़ गया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के बंगाल दौरे से पहले यह मामला सुर्खियों में आया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दार्जिलिंग के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) मनीष मिश्रा और सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के कमिश्नरेट पुलिस (CP) अधिकारी को सेंट्रल डेप्युटेशन पर भेजने के लिए राज्य सरकार को तीन दिन में जवाब देने का पत्र भेजा।

डेप्युटेशन और अधिकारियों का ट्रांसफर

हालांकि, ममता बनर्जी की सरकार ने मनीष मिश्रा का दार्जिलिंग से ट्रांसफर कर दिया और उन्हें होम डिपार्टमेंट में स्पेशल सेक्रेटरी नियुक्त किया। उनकी जगह सुनील अग्रवाल को नया डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट बनाया गया। केंद्र ने कहा कि DM मनीष मिश्रा राष्ट्रपति के दौरे के इंचार्ज थे और सुरक्षा और प्रोटोकॉल में अनियमितता सामने आने के बाद उन्हें सेंट्रल डेप्युटेशन पर बुलाया गया।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, IPS और IAS अधिकारियों का कैडर नियंत्रित करना केंद्र का अधिकार है और अगर राज्य सरकार किसी अधिकारी को डेप्युटेशन पर भेजने से मना करती है, तो उस अधिकारी को 5 साल के लिए सेंट्रल डेप्युटेशन से रोका जा सकता है। 2011 बैच या उसके बाद के IPS अधिकारियों के लिए कम से कम 2 साल का सेंट्रल डेप्युटेशन जरूरी है।

राष्ट्रपति के कार्यक्रम में विवाद

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 7 मार्च को इंटरनेशनल ट्राइबल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए सिलीगुड़ी गई थीं। उनके इवेंट को बिधाननगर से बागडोगरा के पास गोंसाईपुर में शिफ्ट किया गया, जिससे राष्ट्रपति ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वह बिधाननगर में ही मीटिंग करना चाहती थीं, लेकिन राज्य सरकार ने अनुमति नहीं दी।

बीजेपी ने इस मामले को लेकर आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने राष्ट्रपति का अनादर किया है। प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय नेता भी इस पर टीएमसी सरकार की आलोचना कर चुके हैं।

तृणमूल का पलटवार

तृणमूल कांग्रेस राष्ट्रपति से मिलने के लिए समय मांग रही है और उन्होंने आदिवासी समुदाय के लिए किए गए कामों की रिपोर्ट पेश करने का प्रयास किया। हालांकि, राष्ट्रपति भवन ने अभी तक उनकी अपॉइंटमेंट रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं की। तृणमूल अगले हफ्ते तीसरी चिट्ठी भेजने वाली है।

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